मयंक कुमार
औरंगाबाद:- बिहार विधान सभा आम निर्वाचन 2020 के अंतर्गत मास्टर प्रशिक्षकों का दूसरे दिन का प्रशिक्षण नगर भवन औरंगाबाद में आयोजित किया गया, जिसमें दाउदनगर रफीगंज ,ओबरा, देव, कुटुंबा तथा बारुण ब्लॉक के 110 मास्टर प्रशिक्षक भाग लिए। प्रशिक्षण कार्यक्रम में उप निर्वाचन पदाधिकारी जावेद इकबाल ने उपस्थित मास्टर प्रशिक्षकों को बताया कि इस बार पूरे भारत में सिर्फ बिहार में ही विधानसभा का निर्वाचन कार्य होना है इसलिए चुनाव आयोग की नजर बिहार पर टिकी है । इसलिए हमारी एक छोटी सी लापरवाही भी हमें परेशानी में डाल सकती है। लोकसभा चुनाव की तरह बिहार विधान सभा चुनाव को भी सफलतापूर्वक संपन्न कराना है ।प्रत्येक मास्टर प्रशिक्षक को चाहिए कि वे इस बार प्रयोग में लाए जाने वाले नए नियम मशीन M3 सिरीज़ के बारे में पूरी जानकारी हासिल करें। मशीन के कनेक्शन की सही जानकारी प्राप्त करना अति आवश्यक है। साथ ही दूसरी बात जो महत्वपूर्ण है वह है मॉक पोल की जानकारी माक पाल के बाद दिखावटी मतदान में डाले गए मतों को डिलीट करना तथा वीवीपैट मशीन से mock poll की पर्ची निकाल कर सही सही मिलान करना अति आवश्यक है। किसी भी परिस्थिति में कंट्रोल यूनिट में पड़े मतों को डिलीट करना नहीं भूलना है । साथ ही वीवीपैट के ड्रॉप बॉक्स से सारी पर्चियो को निकाल कर काले लिफाफे में मुहर बंद कर प्लास्टिक के डिब्बे में सील करना आवश्यक है। वास्तविक मतदान प्रारंभ करने से पूर्व एक बार पुनः टोटल बटन दबाकर यह आश्वस्त हो जाएं की मौक पाल के बाद कंट्रोल यूनिट में पहले से कोई भी मत नहीं है। इसके बाद यदि कोई मशीन खराब होती है तो इसे किस प्रकार बदलना है इसकी जानकारी लेना जरूरी है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर प्रशिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता ने नए मशीन एम 3 सीरीज को आपस में कैसे जोड़ा जाए तथा वास्तविक मतदान के लिए कैसे सील किया जाए इसकी जानकारी विस्तार पूर्वक दिया । मास्टर प्रशिक्षक ने बताया कि यदि मौक पोल के समय कोई भी यूनिट खराब होती है तो केवल खराब यूनिट को ही बदला जाता है और फिर मॉक पोल किया जाता है परंतु यदि वास्तविक मतदान प्रारंभ होने के बाद बैलट यूनिट या कंट्रोल यूनिट दोनों अथवा दोनों में से कोई एक खराब होता है तो पूरा सेट बदला जाता है तथा नई मशीन में प्रत्येक उम्मीदवार को एक-एक वोट देकर माक पाल किया जाता है । खराब मशीन को कैरिंग केस में सील कर रख दिया जाता है। यदि वास्तविक मतदान के दौरान वीवीपैट मशीन खराब होती है तो केवल वीवीपैट मशीन को ही बदला जाता है इस स्थिति में कोई मॉक पोल नहीं होता है और खराब वीवीपैट मशीन को कैरी कैश मे सिल कर रख दिया जाता है। ताकि उसे भी बज्र गृह में जमा किया जा सके। यदि वीवीपैट की बैटरी खराब होती है तो केवल उसकी बैटरी को बदला जाता है परंतु कोई मोक पोल नहीं किया जाता है । मास्टर प्रशिक्षक ने बतलाया कि हमें मतदान दल के सदस्यों को पूरी मतदान प्रक्रिया के बारे में हर एक बिंदु पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए बतलाना होगा ताकि मतदान के दौरान कहीं कोई बाधा उत्पन्न ना हो ।प्रशिक्षण कार्यक्रम में सहयोगी पदाधिकारी शैलेंद्र नारायण सिंह, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी माध्यमिक शिक्षा, मनोज पाठक, संजय कुमार, संजय कुजुर ,अरुण कुमार अभियंता सहित मास्टर प्रशिक्षण शशिधर सिंह, कुंदन कुमार ठाकुर ,फैयाज आलम ,अजीत कुमार, अनिल सिंह, शशि कुमार वर्मा, अमित रंजन भास्कर, चंचल सिन्हा ,चंदन कुमार इत्यादि मौजूद थे। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान कोविड-19 को देखते हुए प्रशिक्षण प्रारंभ होने से पूर्व दोनों शिफ्ट में नगर भवन को सेनीटाइज किया जाता था साथ ही सभी प्रशिक्षुओं को एक दूसरे से दूरी बना कर बैठाया जाता था। सैनिटाइजर की भी व्यवस्था की गई थी ताकि ईवीएम मशीन छूने के बाद वे अपने से हाथ को भी सैनिटाइज कर सकें।
