त्यौहार ईद उल फितर मनाया


गौतम कुमार शर्मा
डेहरी/रोहतास
मुस्लिम समुदाय का सबसे बड़ा ईद होता है रमजान महीने में 30 दिन रोजा रखने के बाद मुस्लिम का सबसे बड़ा त्यौहार ईद उल
फितर मनाया जाता है यह पर्व लोगों के बीच प्रेम और भाईचारे का प्रतीक रहा है और साथ ही बच्चे बड़े ईदी पाने के लिए इस त्यौहार को बेसब्री से इंतजार करते हैं पूरे 1 महीने के रोजे रखने के बाद ईद आता है ईद के चांद का दीदार पूरी दुनिया में होता है तो रोजा रखना मुकम्मल होता है इस्लाम के सबसे खास त्यौहार में से एक है ईद उल फितर के त्यौहार पर एक दूसरे को गले मिलकर प्यार दिया जाता है हालांकि इस साल को कोरोना संकट को देखते हुए ईद पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए लोगों से ईद हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. ईद का परंपरा ना टूटे इसलिए मस्जिदों और दरगाहो पर 4 से 5 लोगों ने नमाज अता की. शहर के अन्य लोगों ने अपने परिवार के साथ अपने घरों पर ही नमाज अदा की. नमाज के बाद नमाजियों ने कोरोना महामारी से देश को
बचाने और अमन और भाईचारे के लिए दुआ की नमाज के बाद लोगों ने सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए एक दूसरे को शुभकामनाएं दी. नमाज के बाद परिवारों ने सामूहिक रूप से खजूर और सेवई के साथ रोजा खोला.प्रशासन ने मुस्लिम समाज के लोगों से कोरोनावायरस के संक्रमण से बचने के लिए घर  पर ही ईद की नमाज पढ़ने और परिवार के साथ ईद की खुशियां मनाने के लिए अपील की थी उसका असर लोगो पर दिखा. सभी लोगों ने घर पर ही नमाज पढ़े छोटे-छोटे बच्चे एक दूसरे को गले मिलकर ईद की बधाई दी लोग अपने घरों से बाहर ना निकल कर अपने परिवार के साथ ही ईद इस बार घर पर ही मनाया इस बार अपने अपने मोबाइल से फोन व मैसेज पर मुबारकबाद दिये मुबारकबाद देने वालों में समाजसेवी नकीब अहमद, नगर मोहर्म कमेटी के अध्यक्ष महफूज अंसारी,  साहनवाज खान, दानिश खान, सभी लोगों ने ईद अपने घरों में मनाई इस प्रेम और खुशियों का महापर्व ईद के मौके पर छोटे छोटे बच्चों नें खूब खुसियाँ मनाई सभी मुस्लिम समुदाय के लोगों को ईद की मुबारकबाद |