कमलेश कुमार मिश्रा
डेहरी /रोहतास
आचार्य व प्रख्यात ज्योतिर्विद विनय बाबा ने अपना मंतव्य देते हुए कहा की वैसे इस तरह की करोना वायरल से सबंधित भविष्य वाणी बिगत वर्ष 2019 के मार्च माह मे ही कर दी गई थी,श्री हृषिकेश हिंदी के पंचांग के पृष्ठ संख्या तीन पर की किसी विषाणु जनित महामारी का प्रकोप समस्त विश्व मे होगा पर अभिज्ञ द्वारा की गई भविष्यवाणी जो बिगत डेढ़ वर्ष पूर्व की गई है।और जैसा बताया जा रहा है की उनकी उम्र 14 वर्ष है तो स्वभाविक है की भविष्यवाणी के समय उनकी उम्र साढ़े बारह वर्ष होंगी तब वह शायद उस समय संस्कृत के मध्यमा के विद्यार्थी होंगें या नहीं भी हो सकते है, उन्हें ज्योतिषी कहना भी उचित नहीं है। कयोंकि मध्यमा तक की शिक्षा संस्कृति मे सामन्य होती है। उस समय ज्योतिष की पढ़ाई नहीं की जाती है वह सामन्य ही होती है। ज्योतिष गणित का विषय है आज कल कथित ज्योतिषियों बाबावों की बाढ़ सी आ गई है और वह भोली भाली जनता का उनके अंदर भय पैदा करके उनका आर्थिक मानसिक शोषण कर है तो इस आधार पर कर्नाटक के अभिज्ञ द्वारा की गई भविष्यवाणी तथ्यहीन और ज्योतिष के सिद्धांतो से परे है इनका ज्योतिष के फलाफल से कोई मेल नहीं है। उनका कहना की 31 मार्च से यह महामारी मे वृद्धि होंगी और सम्पूर्ण विश्व की 80 प्रतिसत जनता इसके प्रभाव मे होंगी यानि करोना जैसे महामारी के चपेट मे दुनिया की एक तिहाई से अधिक आबादी आ जाएगी जो सम्भव नहीं है, विश्व की 20 प्रतिसत आबादी समाप्त हो जाएगी 10 सितम्बर को करोना अंतिम रोगी होगा, इस तरह के बेबुनियाद संदेशों पर जनता को विश्वास नहीं करना चाहिए।सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने का यह बहुत बड़ा साजिस है, यह किसी बाल ज्योतिषी की भविष्यवाणी नहीं। किसी शातिर इंसान द्वारा फैलाया हुआ घिनौना दुष्प्रचार है लोगो मे भय लाने के लिए मेरा आग्रह और विनम्रता पूर्ण निवेदन है। की सरकार के द्वारा निर्देशित आदेशों का आप मन से पालन करें और अपने घरो मे ही रहे।
डेहरी /रोहतास
आचार्य व प्रख्यात ज्योतिर्विद विनय बाबा ने अपना मंतव्य देते हुए कहा की वैसे इस तरह की करोना वायरल से सबंधित भविष्य वाणी बिगत वर्ष 2019 के मार्च माह मे ही कर दी गई थी,श्री हृषिकेश हिंदी के पंचांग के पृष्ठ संख्या तीन पर की किसी विषाणु जनित महामारी का प्रकोप समस्त विश्व मे होगा पर अभिज्ञ द्वारा की गई भविष्यवाणी जो बिगत डेढ़ वर्ष पूर्व की गई है।और जैसा बताया जा रहा है की उनकी उम्र 14 वर्ष है तो स्वभाविक है की भविष्यवाणी के समय उनकी उम्र साढ़े बारह वर्ष होंगी तब वह शायद उस समय संस्कृत के मध्यमा के विद्यार्थी होंगें या नहीं भी हो सकते है, उन्हें ज्योतिषी कहना भी उचित नहीं है। कयोंकि मध्यमा तक की शिक्षा संस्कृति मे सामन्य होती है। उस समय ज्योतिष की पढ़ाई नहीं की जाती है वह सामन्य ही होती है। ज्योतिष गणित का विषय है आज कल कथित ज्योतिषियों बाबावों की बाढ़ सी आ गई है और वह भोली भाली जनता का उनके अंदर भय पैदा करके उनका आर्थिक मानसिक शोषण कर है तो इस आधार पर कर्नाटक के अभिज्ञ द्वारा की गई भविष्यवाणी तथ्यहीन और ज्योतिष के सिद्धांतो से परे है इनका ज्योतिष के फलाफल से कोई मेल नहीं है। उनका कहना की 31 मार्च से यह महामारी मे वृद्धि होंगी और सम्पूर्ण विश्व की 80 प्रतिसत जनता इसके प्रभाव मे होंगी यानि करोना जैसे महामारी के चपेट मे दुनिया की एक तिहाई से अधिक आबादी आ जाएगी जो सम्भव नहीं है, विश्व की 20 प्रतिसत आबादी समाप्त हो जाएगी 10 सितम्बर को करोना अंतिम रोगी होगा, इस तरह के बेबुनियाद संदेशों पर जनता को विश्वास नहीं करना चाहिए।सस्ती लोकप्रियता प्राप्त करने का यह बहुत बड़ा साजिस है, यह किसी बाल ज्योतिषी की भविष्यवाणी नहीं। किसी शातिर इंसान द्वारा फैलाया हुआ घिनौना दुष्प्रचार है लोगो मे भय लाने के लिए मेरा आग्रह और विनम्रता पूर्ण निवेदन है। की सरकार के द्वारा निर्देशित आदेशों का आप मन से पालन करें और अपने घरो मे ही रहे।
