गौतम कुमार शर्मा
डेहरी /रोहताश
देश के 13 राज्यो के 186 व्यवसाई प्रतिनिधियों के साथ हुईं मंत्रणा।
देशभर के 186 व्यवसाई प्रतिनिधियों के साथ कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वार कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(CAIT) के अध्यक्ष श्री बी सी भारतीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल, बिहार चैप्टर के अध्यक्ष श्री अशोक वर्मा समेत पूरे देशभर के व्यवसायियों के साथ कल एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई थी जिसमें देशभर में लागू लॅकडाउन से व्यापार में हो रहे क्षति और लॉकडाउन खुलने के बाद व्यापारियों को आने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
वीडियो कांफ्रेंस में सभी व्यापारी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा की व्यापारी समुदाय को सरकार की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी कहा जाता है और अभी इस पूरे व्यापार जगत की हालत बहुत पतली है।
अगर व्यापारियों को पर्याप्त पैकेज नहीं दिया जाता है तो, देश में घरेलू व्यापार काफी हद तक ध्वस्त हो सकता है, देश में कृषि के बाद खुदरा व्यापार सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है इस क्षेत्र को राहत प्रदान करना बहुत आवश्यक है व्यापारियों की सभी आशाए अब उत्सुकता से भारत के वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की तरफ टकटकी लगाए देख रही हैं। अगर सरकार एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान समय रहते नहीं करेगी तो देशभर में उद्योग धंधे बुरी तरह से प्रभावित हो जाएंगे।
खुदरा व्यापारियों को व्यापार में आने वाले समय में क्या दिक्कत हो सकती है क्या परेशानियां हो सकती है इस पर भी बहुत विस्तार से चर्चा हुई और कैट के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल ने व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त व्यापार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लेकर जा सकता है इसलिए छोटे व्यापारियों को भी इसके लिए कमर कसकर तैयार रहना होगा।
इस कॉन्फ्रेंस मैं यह निर्णय लिया गया कि व्यापारियों का एक समूह देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह करेगा कि व्यापार जगत के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द से जल्द एक बड़ा आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करें।
CAIT के जिला अध्यक्ष श्री बबल कश्यप ने कहा कि यह संतोष की बात है कि
करोना महामारी के इस विकट समय में देश भर के लगभग 45 लाख व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे देश में किसी भी सामग्री की कोई कमी नहीं हुई। व्यापारियों ने अपने जीवन को जोखिम में डाला और भारत के नागरिकों की सेवा की है।
यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है कि सरकार व्यापारियों को राहत पैकेज देती है कि नहीं लेकिन इस देशव्यापी लॉकडाउन में उद्योग जगत समेत छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों तक की आर्थिक कमर जरूर तोड़ दी है।
डेहरी /रोहताश
देश के 13 राज्यो के 186 व्यवसाई प्रतिनिधियों के साथ हुईं मंत्रणा।
देशभर के 186 व्यवसाई प्रतिनिधियों के साथ कल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग द्वार कनफेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स(CAIT) के अध्यक्ष श्री बी सी भारतीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल, बिहार चैप्टर के अध्यक्ष श्री अशोक वर्मा समेत पूरे देशभर के व्यवसायियों के साथ कल एक महत्वपूर्ण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रखी गई थी जिसमें देशभर में लागू लॅकडाउन से व्यापार में हो रहे क्षति और लॉकडाउन खुलने के बाद व्यापारियों को आने वाली परेशानियों के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।
वीडियो कांफ्रेंस में सभी व्यापारी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में कहा की व्यापारी समुदाय को सरकार की अर्थव्यवस्था के लिए रीढ़ की हड्डी कहा जाता है और अभी इस पूरे व्यापार जगत की हालत बहुत पतली है।
अगर व्यापारियों को पर्याप्त पैकेज नहीं दिया जाता है तो, देश में घरेलू व्यापार काफी हद तक ध्वस्त हो सकता है, देश में कृषि के बाद खुदरा व्यापार सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है इस क्षेत्र को राहत प्रदान करना बहुत आवश्यक है व्यापारियों की सभी आशाए अब उत्सुकता से भारत के वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण की तरफ टकटकी लगाए देख रही हैं। अगर सरकार एक बड़े राहत पैकेज का ऐलान समय रहते नहीं करेगी तो देशभर में उद्योग धंधे बुरी तरह से प्रभावित हो जाएंगे।
खुदरा व्यापारियों को व्यापार में आने वाले समय में क्या दिक्कत हो सकती है क्या परेशानियां हो सकती है इस पर भी बहुत विस्तार से चर्चा हुई और कैट के राष्ट्रीय महासचिव श्री प्रवीण खंडेलवाल ने व्यापारियों को आने वाली चुनौतियों से लड़ने के लिए तैयार रहने का आह्वान भी किया उन्होंने कहा कि आने वाला वक्त व्यापार को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी लेकर जा सकता है इसलिए छोटे व्यापारियों को भी इसके लिए कमर कसकर तैयार रहना होगा।
इस कॉन्फ्रेंस मैं यह निर्णय लिया गया कि व्यापारियों का एक समूह देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी से यह आग्रह करेगा कि व्यापार जगत के हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार जल्द से जल्द एक बड़ा आर्थिक पैकेज देने की घोषणा करें।
CAIT के जिला अध्यक्ष श्री बबल कश्यप ने कहा कि यह संतोष की बात है कि
करोना महामारी के इस विकट समय में देश भर के लगभग 45 लाख व्यापारियों ने आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति श्रृंखला को प्रभावी ढंग से बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और पूरे देश में किसी भी सामग्री की कोई कमी नहीं हुई। व्यापारियों ने अपने जीवन को जोखिम में डाला और भारत के नागरिकों की सेवा की है।
यह तो भविष्य के गर्भ में छिपा है कि सरकार व्यापारियों को राहत पैकेज देती है कि नहीं लेकिन इस देशव्यापी लॉकडाउन में उद्योग जगत समेत छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों तक की आर्थिक कमर जरूर तोड़ दी है।
