कोरोना वायरस के भय से जूझ रहे बैंक कर्मी। आम जनों व कर्मियों की स्वास्थ्य रक्षा के प्रति नहीं दिखती सजगता।

कमलेश कुमार
डेहरी/ रोहतास।
पूरी दुनिया में महामारी का रूप ले चुका कोरोना वायरस के संक्रमण से आम लोगों के साथ-साथ बैंक कर्मियों में भी खौफ तो देखा जा रहा है। किंतु सजगता नहीं है। पैसा जीवन का अहम हिस्सा है। ऐसे में बैंक आना-जाना तो आवश्यक हो जाता है। लेकिन पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था के अभाव के कारण बैंक कर्मियों के साथ ग्राहकों को भी संक्रमण की चिंता सताते रहती है। शहर के कई बैंकों की शाखा में ग्राहकों की लंबी कतार देखी गई है। किंतु शायद ही कोई उपभोक्ता होगा, जिनके चेहरे पर मास्क हो। सभी उपभोक्ता जल्दी में थे कि उनका काम जल्द हो जाए और भीड़भाड़ वाली जगह से निकल जाए। वहीं कई बैंक की शाखाओं में कर्मियों की कमी का मार झेल रहे बैंक प्रबंधक खींजे नजर आ रहे थे। उनका कहना था कि संक्रमण का खतरा न सिर्फ ग्राहकों को है बल्कि हमें भी है। ईधर कई उपभोक्ताओं का कहना था, कि वह मास्क पहनकर बैंक में आते हैं, तो सुरक्षाकर्मी यह  कहकर मास्क उतार देता है की मास्क की आड़ में असामाजिक तत्व भी बैंक में प्रवेश हो सकते है।
डिजिटल लेनदेन अपनाएं - कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए लोग डिजिटल लेनदेन अपनाकर न सिर्फ खुद को सुरक्षित रख सकते हैं बल्कि समय की बचत भी कर सकते हैं। विभिन्न बैंकों के ऐप और केंद्र सरकार द्वारा जारी ऐप के माध्यम से पैसे को किसी के खाते में डाल सकते हैं। भीड़-भाड़ से बचने के लिए चेक का उपयोग भी कर सकते हैं। वही डेबिट कार्ड का उपयोग कर भी एटीएम से नगद राशि की निकासी की जा सकती है। एटीएम का बटन छूने के बाद स्वास्थ्य रक्षा के लिए लोग सैनिटाइजर का भी उपयोग करें। इधर कई बैंक उपभोक्ताओं का कहना है कि बैंक प्रबंधन और जिला प्रशासन को चाहिए कि प्रत्येक एटीएम में सैनिटाइजर की व्यवस्था करें।
थूक से नहीं करें अंगुलियों को गिला - चिकित्सक डॉ राजीव कुमार का कहना है कि कई लोगों में यह आदत होती है, कि वे नोटों को गिनने के लिए बार-बार अंगुलियों को जीभ पर ले जाते हैं। यह आदत उनके लिए खतरनाक हो सकता है। नोटों पर कोरोना का वायरस चिपका रह सकता है। नोट पर चिपका कोरोना का वायरस इस आदत के कारण लोगों के मुंह में जाकर उन्हें संक्रमित बना सकता है। चिकित्सकों का मानना है कि कोरोना वायरस तीन घंटे से लेकर तीन से चार दिनों तक विभिन्न वस्तुओं पर जीवित रहता है। ऐसे में अपनी सुरक्षा के लिए लोग जीभ पर अंगुली ले जाकर नोट गिनने की आदत में बदलाव लाए।
कहते हैं शाखा प्रबंधक - स्टेट बैंक ऑफ इंडिया डेहरी के शाखा प्रबंधक धीरज कुमार ने बताया कि बैंक में सैनिटाइजर व स्वच्छता का पूरी तरह से ख्याल रखा जा रहा है। उपभोक्ताओं को किसी तरह से कोई अफवाह से डरने की आवश्यकता नहीं है। बैंकों के सभी एटीएम में लगातार पैसा डाला जा रहा है। ताकि उपभोक्ताओं को बैंक बंदी के बाद भी असुविधा ना हो।