जनता कर्फ्यू से थम गया शहर। घरों से नहीं निकले लोग, मेडिकल सेवाएं दिखी सक्रिय ध्वनि विस्तारक यंत्रों से लैस गश्त लगाते रहे पुलिस प्रशासनिक अधिकारी। कमलेश कुमार की रिपोर्ट


कमलेश कुमार की रिपोर्ट
डेहरी/ रोहतास
पूरी दुनिया में महामारी घोषित कोरोना वायरस के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर जनता कर्फ्यू शहर से लेकर गांव तक सफल दिखाई दिया। जहां सुबह होते ही सड़के सुनी हो गई, दुकानें बंद हो गए, वही लोग भी घरों में खुद को कैद कर रखे हुए थे। क्योंकि सबका यह मानना था, कि कोरोना वायरस के बचाव के लिए जनता कर्फ्यू लगाया गया है। जिससे प्रत्येक व्यक्ति को लाभ है। जनता कर्फ्यू के मद्देनजर जगह-जगह बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई थी। वही पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी अपने-अपने वाहनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों से प्रचार प्रसार कर लोगों को हिदायत दे रहे थे, कि रात 9 बजे तक कोई भी घर से बाहर नहीं निकले। कई स्थानों पर कुछ लोग घर के बाहर बैठे हुए थे, जिन्हें प्रशासन ने आग्रह कर उन्हें घर में जाने को मजबूर किया। रेलवे स्टेशन का नजारा कुछ अलग था, क्योंकि सुबह से लंबी दूरी तय कर आने वाली ट्रेनों से उतरे हुए लोग अफसोस करते हुए खुद को इस बात के लिए कोस रहे थे, कि उन्हें यात्रा नहीं करनी चाहिए थी। क्योंकि ट्रेनों से उतरने के बाद जपला, रोहतास, तिलौथू, नासरीगंज जाने वाले यात्रियों के लिए कोई सुविधाएं नहीं थी। सभी छोटे-बड़े वाहन पूरी तरह बंद थे। ट्रेन से उतरे हुए यात्रियों के मद्देनजर रेलवे द्वारा शौचालय को खुला रखा गया था। इसके अलावा खाने-पीने की कोई भी दुकानें खुली हुई नहीं थी। कई यात्री अपने परिजनों को फोन कर बाइक व अन्य साधन मंगवा रहे थे, ताकि वह घर पहुंच सके। तो कई यात्री मजबूरी बस यात्री प्रतीक्षालय में बैठकर दिन रात बिताने को मजबूर हुए। रेलवे प्रशासन द्वारा भी बार-बार ध्वनि विस्तारक यंत्रों से लोगों को चेतावनी दी जा रही थी, कि जो भी लोग हैं, वह दूरी बना कर रहे। किसी से कोई बात ना करें, मास्क लगाकर रहे, तथा सर्दी खासी बुखार होता है, तो उसकी सूचना रेलवे को करें। इसके लिए अनुमंडल अस्पताल से एक मेडिकल टीम की तैनाती भी रेलवे स्टेशन पर की गई थी। सुरक्षा के मद्देनजर आरपीएफ सब इंस्पेक्टर आरके सिंह, जीआरपी थानाध्यक्ष अकबर अली खान समेत जिला पुलिस की टीम भी स्टेशन परिसर में तैनात थी। वही एसडीएम लाल ज्योति नाथ शाहदेव, एएसपी संजय कुमार शहर में लगातार गश्त लगाते रहे, तथा लोगों को घरों में ही रहने का निर्देश देते रहे। इधर नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी सुशील कुमार सिंह, बीडीओ अरुण कुमार सिंह अपने वाहन से कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता संबंधी सूचनाएं व लोगों को जनता कर्फ्यू का पालन करने की हिदायत देते रहे। घरों में कैद लोगों का कहना था, कि इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ, जब ट्रेन समेत अन्य सभी वाहन बंद रहे, और जनता कर्फ्यू का पालन सभी लोगों ने किया। रेलवे स्टेशन पर पहुंचे लोगों की स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्कैनिंग की जा रही थी। महाराष्ट्र से आने वाली ट्रेन दीक्षाभूमि एक्सप्रेस, दिल्ली से आने वाली पुरुषोत्तम एक्सप्रेस, कोलकाता से आने वाली चंबल एक्सप्रेस से उतरे यात्रियों को प्रशासन द्वारा जांच करके ही छोड़ा जा रहा था। हर तरफ कर्फ्यू का नजारा दिखा। लोगों का कहना था, कि यदि इस जनता कर्फ्यू से और सरकार के गाइडलाइन का पालन करने से कोरोनावायरस का बचाव किया जा सकता है, तो आने वाले दिनों में यदि सरकार का निर्देश इस तरह का आता रहे तो वह जरूर पालन करेंगे। एसडीएम ने कहा कि सरकार के निर्देश पर जनता कर्फ्यू का पालन कराया जा रहा है। तथा सभी तरह की स्थिति पर नजर रखी जा रही है।