गौतम कुमार शर्मा
डेहरी/रोहतास
लोक आस्था का महान पर्व चैती छठ व्रत का असर कोरोना वायरस के कारण फिका दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि सोन नद तट या कैनाल में इस बार व्रती छठ का अर्ध्य नहीं देंगे। वही मुख्य बाजारों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी छठ की गीत सुनाई नहीं दे रही है। लोग लॉक डाउन के कारण घरों में ही छठ व्रत का आयोजन कर रहे हैं। जिनके घर छठ व्रत हो रहा है। उनके घर महिलाओं द्वारा गाए जा रहे पारंपरिक छठ गीत सुनाई दे रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कई व्रतियों ने इस वर्ष छठ व्रत नहीं करने का भी निर्णय लिया है। जबकि लॉक डाउन के कारण छठ करने वाले व्रती अपने घर पर ही छठ व्रत कर रहे हैं। पूर्व के वर्षों में चैती छठ व्रत के पूर्व ही जहां पूजा सामग्री व फलों की दुकान बाजारों में सजते थे। वहीं इस बार कोरोना वायरस के कहर के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। छठ पूजा के कई सामग्री उपलब्ध नहीं होने के बावजूद व्रती जितना सामग्री मिल रहा है उतने में ही कर रहे हैं। शनिवार को नहाए खाए के साथ चार दिवसीय लोक आस्था का पर्व छठ की शुरुआत हुई। रविवार की शाम व्रतियों ने अपने घरों में ही स्नान कर मिट्टी के चूल्हे पर रोटी और खीर बनाकर खरना का प्रसाद ग्रहण किया। तथा आसपास के लोगों को भी प्रसाद खिलाया। सोमवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्ध्य देंगे। तथा मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्ध्य देकर व्रती पारण करेंगे। छठ व्रती मोती शर्मा, पुष्पा देवी, रामायण गुप्ता, आशा सिन्हा आदि का कहना है कि यह सभी सूर्य भगवान से प्रार्थना करते हैं की भारत देश कोरोना वायरस से जंग जीत जाए। ताकि देश में सब कुछ फिर से सामान्य हो सके।
डेहरी/रोहतास
लोक आस्था का महान पर्व चैती छठ व्रत का असर कोरोना वायरस के कारण फिका दिखाई दे रहा है। यही कारण है कि सोन नद तट या कैनाल में इस बार व्रती छठ का अर्ध्य नहीं देंगे। वही मुख्य बाजारों व अन्य सार्वजनिक स्थलों पर भी छठ की गीत सुनाई नहीं दे रही है। लोग लॉक डाउन के कारण घरों में ही छठ व्रत का आयोजन कर रहे हैं। जिनके घर छठ व्रत हो रहा है। उनके घर महिलाओं द्वारा गाए जा रहे पारंपरिक छठ गीत सुनाई दे रहा है। कोरोना वायरस के संक्रमण से बचने के लिए कई व्रतियों ने इस वर्ष छठ व्रत नहीं करने का भी निर्णय लिया है। जबकि लॉक डाउन के कारण छठ करने वाले व्रती अपने घर पर ही छठ व्रत कर रहे हैं। पूर्व के वर्षों में चैती छठ व्रत के पूर्व ही जहां पूजा सामग्री व फलों की दुकान बाजारों में सजते थे। वहीं इस बार कोरोना वायरस के कहर के कारण सन्नाटा पसरा हुआ है। छठ पूजा के कई सामग्री उपलब्ध नहीं होने के बावजूद व्रती जितना सामग्री मिल रहा है उतने में ही कर रहे हैं। शनिवार को नहाए खाए के साथ चार दिवसीय लोक आस्था का पर्व छठ की शुरुआत हुई। रविवार की शाम व्रतियों ने अपने घरों में ही स्नान कर मिट्टी के चूल्हे पर रोटी और खीर बनाकर खरना का प्रसाद ग्रहण किया। तथा आसपास के लोगों को भी प्रसाद खिलाया। सोमवार को व्रती अस्ताचलगामी सूर्य देव को अर्ध्य देंगे। तथा मंगलवार को उदयीमान सूर्य को अर्ध्य देकर व्रती पारण करेंगे। छठ व्रती मोती शर्मा, पुष्पा देवी, रामायण गुप्ता, आशा सिन्हा आदि का कहना है कि यह सभी सूर्य भगवान से प्रार्थना करते हैं की भारत देश कोरोना वायरस से जंग जीत जाए। ताकि देश में सब कुछ फिर से सामान्य हो सके।
