मुख्य पार्षद एवं उप मुख्य पार्षद से पूछ रहे हैं! हम आपको वोट क्यों दे? अपने 10 काम को बताएं



रिपोर्ट:- गौतम शर्मा, वारिस अली /तस्लीम उल हक

डेहरी/रोहतास
डेहरी  डालमियानगर नगर परिषद क्षेत्र में मुख्य पार्षद उप मुख्य पार्षद को जनता मत देगी ऐसा
पहली बार मतदाताओं के मत से नगर निकायों के मुख्य पार्षद और उप - मुख्यपार्षद को चुने जाने की अधिसूचना से मतदाता खुश दिखाई दे रहे हैं तथा खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं तो वहीं इनके प्रत्याशी भी बिना किसी मुद्दे के नामांकन की तैयारी में जुटे हुए  है  । ' कारू का खजाना ' पर कब्जा करने का मन बनाए , मुख्य पार्षद और उप मुख्य पार्षद के प्रत्याशी अपना  भाग्य आजमाने सामने आ रहे हैं डिहरी - डालमियानगर क्षेत्र में कुल 39 वार्ड  है एवं कुल 109577 मतदाता है । नगर के मतदाताओं के  अनुसार वार्ड पार्षद के वोटबैंकके अलावा अन्य प्रत्याशी मुद्दा विहीन लग रहे है । किसी के पास नगर के साफ सफाई एवं सुंदर चित्रण  के लिए व्यापक विकास का मुद्दा नहीं है । जल जमाव कूड़ा - कचरा तथा कई नगरीय अधिकार से यह शहर प्रारंभ से जूझ रहा है । " जिस शहर के दोनों तरफ पूर्व पश्चिम में जल निकास की व्यवस्था पूर्व से बनी हुई हो , इसके बावजूद भी  शहर जल - जमाव से मुक्ति नहीं पा सका है । आज भी शहर एक घंटा वर्षा हो जाये तो वर्षा का पानी लोगों के घरों में घुस जाता है तथा पानी निकलने में एक घंटा लग जाता है । नाला का निर्माण करने के पश्चात भी सड़क पर पानी घंटो तक जमा दिखाई देगा पैदल चलना भी दुश्वार लगता है नगरपिरषद जलकर , स्वास्थ्य कर , शिक्षा कर अपने होल्डिंग टैक्स में वसूलती है उन करों का क्या किया गया? जो भी मुख्य पार्षद बना जनता की प्राथमिक समस्याओं को हमेशा ही नजर अंदाज किया । सड़क , नाली - नाला के टेण्डरों  में कमीशन खोरी होती है । नप कार्याला के सामने दुकानों को बहुमंजिला बनाया जा सकता था ।  सरकार से स्वीकृत योजना रसातल में चली गई । नये घरों के नक्शा स्वीकृति में खुलेआम 20 से 25 हजार लिया जाता  रहा । माननीय न्यायालय के आदेश के बावजूद भी टैक्स बढ़ाकर वसूली किया गया ऐसी मनमानी क्यों की गई गरीब बेसहारों के राशन कार्ड में त्रुटि  बनी रही नल जल योजना मैं लूट की जांच कौन करेगा नगर परिषद के करोड़ों के फंड को सौंदर्यीकरण  के नाम पर बंदरबांट किया गया इसकी जांच कब होगी शहर के कई वार्डों में पानी आज तक नहीं निकला कई जरूरत मंद लोगों को राशन कार्ड अब तक नहीं बना । मुख्य बाजार में ठेला व्यापारियों को हमेशा अतिक्रमण का मार झेलना पड़ा । नगर के उच्च प्रतिनिधि शहर के मुख्य सड़क को अतिक्रमण सीमांकन नहीं किया । बल्कि नप खुद ही अपने नागरिकों को अतिक्रमण के नाम पर प्रताड़ित  किया है इस मुद्दे पर किसी भावी बनने वाले प्रयाशीयो आगे आए । नहीं ? अब ये हमसे वोट की उम्मीद लगाए बैठे है । अब हम सभी मतदाता विचार कर रहे है कि क्यों नहीं इनको नाटो ( कोई नहीं ) पर अपना मत डाले महादान करें वोट लेना है तो  आप जो नगर में करना चाहते हैं , उनको शपथ - पत्र के माध्यम से सार्वज -निक करें? उपरोक्त सभी कामों के लिए सुयोग्य उम्मीदवार की जरूरत है लेकिन हमें योग्य उम्मीदवार भी दिखाई नहीं देते यह एक विडंबना है दूसरी तरफ टीम डेहरी डेहरीयंस ने कहा है कि बिहार के सबसे शिक्षित शहर देहरी में उक्त काम के लिए अनपढ़ लोगों को नकार दें चुनाव में अवश्य बदलाव करें किसी भी लालच बहकावे में जात पात में ना पड़े शिक्षित सामाजिक कार्यकर्ता बात करने का तरीका तथा अपनी बात को नगर परिषद के समक्ष मजबूती से रखने वाला हो वैसे ही व्यक्ति का चयन करें नहीं तो चुनाव के बाद पुराना दुख झेलने के लिए विवश होना पड़ेगा शहर को बेहतरीन बनाने में आपकी भागीदारी भी बहुत जरूरी मानी गई है इसलिए आप अपने विवेक से अपना महत्वपूर्ण मत सोच समझ कर दें