रिपोर्ट:-गौतम शर्मा
डेहरी,/रोहतास
रेलकर्मी अपनी विभिन्न समस्याओ की लड़ाई तो लड़ ही रहे है, साथ ही अब हमे रेल को बचाने की लड़ाई भी उसी ताकत और शिद्दत से लड़नी होगी ।क्योंकि विभिन्न समस्याओ की लड़ाई हम जीत लें, लेकिन रेल को बचाने की लड़ाई हार गए तो ये जीत बेमानी साबित होगी। इसलिए युवा रेलकर्मीयों को संकल्प लेना होगा कि रेल को बचाने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहेंगे और जीत हासिल करने तक संघर्ष करेंगे । उक्त बातें एआईआरएफ के आह्वान पर रेल बचाओ-देश बचाओ अभियान के दौरान रेल पथ कार्यालय डेहरी में रेलकर्मीयों को सम्बोधित करते हुए ईस्ट सेंट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के उपाध्यक्ष वीरेंद्र पासवान ने कही।जहां केन्द्र सरकार के खिलाफ रेलकर्मीयों ने जमकर नारेबाजी भी की।
पासवान ने कहा कि भारतीय रेल को निजीकरण, निगमीकरण और मौद्रीकरण से बचाने के लिए जनआंदोलन की जरूरत है।जब सरकार मनमानी पर उतारू हो तो ऐसे में हमें जनता को भागीदार बनाकर एक बड़े संघर्ष की ओर बढना होगा।अगर रेलवे का निजीकरण हुआ तो सबसे बडा असर आम जनता पर ही होगा।
इस अवसर पर ईसीआरकेयू नेता विजय बहादुर, धर्मेंद्र कुमार, अजय कुमार, पुरुषोत्तम पासवान, सुमीत कुमार, अभिषेक कुमार, जीतेश कुमार, नागेंद्र कुमार, मनोज कुमार, जीतेन्द्र यादव, रितेश कुमार, राज कुमार, शैलेन्द्र कुमार, शहजाद खान सहित बड़ी संख्या में रेलकर्मी उपस्थित थे।