रिपोर्ट ;-गौतम शर्मा ,वारिस अली
डेहरी /रोहतास
विश्व हिंदू परिषद् रोहतास विभाग बैठक न्यू डिलिया सूर्या बैकेंट हॉल मे मनाया गया। जिसकी अध्यक्षता बजरंग दल विभाग संयोजक विकास गुप्ता ने किया। इस बैठक मे विश्व हिंदू परिषद् के केंद्रीय महामंत्री मानवीय मिलिंद परांडे जी का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस बैठक मे कैमूर जिला के कार्यकर्ता, रोहतास जिला के कार्यकर्ता और अरुणनगर के कार्यकर्ता उपस्थित हुए। विश्व हिंदू परिषद् के केंद्रीय महामंत्री माननीय मिलिंद परांडे जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। विश्व हिंदू परिषद् जिला मंत्री पंकज कुमार ने मंच का संचालन किया। विश्व हिंदू परिषद् केन्द्रीय महामंत्री माननीय मिलिंद परांडे जी सगठन के बारे विस्तारपूर्वक चर्चा की।
बजरंग दल डेहरी नगर के द्वारा सूर्या बैकेंट हॉल न्यू डिलिया मे अखण्ड भारत संकल्प दिवस मनाया गया। इसकी अध्यक्ष बजरंग दल जिला सह संयोजक दीपक दास ने किया। इसये अतिथि विश्व हिन्दू परिषद् केन्द्रीय महामंत्री माननीय मिलिंद परांडे जी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अखण्ड भारत कि चर्चा की। अखण्ड भारत महज सपना नहीं, श्रद्धा है, निष्ठा है. जिन आंखों ने भारत को भूमि से अधिक माता के रूप में देखा हो, जो स्वयं को इसका पुत्र मानता हो, जो प्रात: उठकर “समुद्रवसने देवी पर्वतस्तन मंडले, विष्णुपत्नि नमस्तुभ्यम् पादस्पर्शं क्षमस्वमे. “कहकर उसकी रज को माथे से लगाता हो, वन्देमातरम् जिनका राष्ट्रघोष और राष्ट्रगान हो, ऐसे असंख्य अंत:करण मातृभूमि के विभाजन की वेदना को कैसे भूल सकते हैं, अखण्ड भारत के संकल्प को कैसे त्याग सकते हैं? किन्तु लक्ष्य के शिखर पर पहुंचने के लिये यथार्थ की कंकरीली-पथरीली, कहीं कांटे तो कहीं दलदल, कहीं गहरी खाई तो कहीं रपटीली चढ़ाई से होकर गुजरना ही होगा। देश फिर से एक करने के लिये जिन कारणों से मनों में दरार पैदा होती है, उन कारणों को दूर करना आवश्यक है. यह आसान काम नहीं है. धार्मिक, राजनीतिक और अंतरराष्ट्रीय शक्तियां सभी बाधाओं के रूप में खड़ी हैं. लेकिन क्या मुसलमानों और हिन्दुओं में सांस्कृतिक एकता का कोई प्रवाह है? हिन्दुओं और मुसलमानों के पुरखे एक हैं, उनका वंश एक है. ये मुसलमान अरबी, तुर्की या इराकी नहीं हैं. हिन्दू एक जीवन-पद्धति है और इसे पूर्णत: त्यागना हिन्दू से मुसलमान बने आज के मुसलमानों के लिये भी संभव नहीं है। सैन्य सामर्थ्य भारत के पास है. लेकिन क्या पाकिस्तान पर जीत से अखंड भारत बन सकता है? जब लोगों में मनोमिलन होता है, तभी राष्ट्र बनता है. अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है, न की सैन्य कार्रवाई या आक्रमण. देश का नेतृत्व करने वाले नेताओं के मन में इस संदर्भ में सुस्पष्ट धारणा आवश्यक है. भारत की अखंडता का आधार भूगोल से ज्यादा संस्कृति और इतिहास में है. खंडित भारत में एक सशक्त, एक्यबद्ध, तेजोमयी राष्ट्रजीवन खड़ा करके ही अखंड भारत के लक्ष्य की ओर बढ़ना संभव होगा। इसमे दक्षिण बिहार संगठन मंत्री चितरंजन जी, विभाग संजोजिका ज्योति दीदी, दुर्गावाहिनी सहसंजोजिका स्वाति पाठक, विभाग समरसता प्रमुख रंजीत जी, प्रांत परियोजना प्रमुख अर्जुन केसरी, धर्म प्रसार बिभाग प्रमुख अंशुल कश्यप, धर्म प्रसार प्रमुख भोला चौहान,जिला बिहीप उपाध्यक्ष राघवेंद्र जी, कैमूर जिला मंत्री रामायण शास्त्री, सुनील जी अरुणनगर, जिला सहमंत्री रमाकांत जी, जिला उपाध्यक्ष सिदेश्वर जी, नौहट्टा बिहिप अध्यक्ष अनिल चौबे, संजोजक दिलिप कुमार, बंटी कुमार, गौ रक्षा प्रमुख रणधीर कुमार, नगर सहसंजोजक चंदन गुप्ता, बलोपासना प्रमुख नीरज कुमार, अंकित गुप्ता, यश उपाध्याय, नगर सहकार्यवाह ऋषि गुप्ता, जीत हिन्दू, नगर मंत्री धर्मवीर सिंह, संजोजक विकाश पहलवान, डॉ० निलेश कुमार, मुकेश कुमार, साकेत कुमार, विकास बारूद उपस्थित थे।
