श्रावण मास के पहली सोमवारी को झारखंडी महादेव मंदिर प्रांगण में सैकड़ों ने जल चढ़ाया




रीपोर्ट ;- गौतम शर्मा , वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 


श्रावण मास के पहले सोमवार को अपार भीड़ के साथ झारखंडी महादेव मंदिर एवं क्षेत्र के मंदिरों पर काफी भीड़ देखे गए तथा भक्तों ने जल चढ़ाया सोन नदी के तट पर स्थित झारखंडी महादेव प्रांगण में मेले जैसा दृश्य लगा रहा जिसमें भक्तजनों ने अपने अपने ढंग से विधि व्यवस्था को संभालने में पुलिस प्रशासन बेहतर सहयोग देते हुए महिला पुलिस कर्मि सक्रियता के साथ सभी जगह जमे रहे सामाजिक कार्यकर्ता श्री विमल कुमार सिंह ने अपने प्रेस प्रतिनिधियों को दिए गए विचार में कहा कि आज के महत्व को समझने एवं दूसरों को भी समझाने की जरूरत है उन्होंने कहा कि

शिव अपने आप में स्वयं  रहस्यमय है | शिव का अर्थ भी कम रहस्यमय नही है | शिव नाम शारीरिक न होकर परमात्मा शक्ति का गुण वाचक प्रतीक है, सनातन संस्कृति में शिव का वास्तविक अर्थ कल्याणकारी है जो उन्हें सर्वशक्तिमान होने का भाव प्रकट करता है यही कारण है कि अपने नाम के अनुरुप शिव मात्र किसी जाति धर्म मत संप्रदाय का कल्याण नहीं करते बल्की संपूर्ण मानव,  सृष्टि का कल्याण करते हैं | शिवलिंग का क्या सबंध है जाने, शिवलिंग  का वास्तविक अर्थ क्या है और कैसे इसका गलत अर्थ निकाल का हिंदू को भ्रमित किया | कुछ लोग शिवजी की पूजा की आलोचना करते हैं साथ ही बच्चे को बताते हैं कि हिंदू लोग लिंग ज्ञानी योनि की पूजा करते हैं | संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है इसी देव वाणी भी कहा जाता है | लिंग का अर्थ  संस्कृत में  चिन्ह  प्रतीक होता है जबकि  ज्ञाननेदिया को  संस्कृत में  शिश्न कहां जाता है | शिवलिंग का अर्थ हुआ शिव का प्रतीक इसी प्रकार  स्त्रीलिंग का अर्थ होता हैं  स्त्री का  प्रतीक और नपुंसक लिंग का अर्थ हुआ नपुंसक का प्रतीक  | अब यदि जो लोग पुरुष लिंग को मनुष्य के ज्ञान इंद्री समझकर आलोचना करते हैं  | वे बतावे   स्त्रीलिंग के अर्थ के अनुसार स्त्री लिग होना चाहिए |  

 शिवलिंग का अर्थ लिंग या योनि नहीं होता हैं |  शिवलिंग भगवान शिव और देविका शक्ति है , आदि अनादि एकल रुप है तथा पुरुष और प्रकृति की समानता का प्रतीक भी है | इस संसार में ना केवल पुरुष का और ना केवल स्त्री का वर्चस्व है | अर्थात् दोनो समान है योनि शब्द पर मनुष्य योनि पशुयोनि, पेड़ पौधों की योनि, जीव-जंतु योनि का संस्कृत में प्रादूरभाव  का अर्थ होता है जीव |