रिपोर्ट ;- वारिस अली ,गौतम शर्मा
डेहरी /रोहतास
जनता दल यूनाइटेड के प्रवक्ता एवं जनता जागृति मंच के अध्यक्ष अधिवक्ता बैरिस्टर सिंह कुशवाहा ने प्रेस बयान जारी कर कहा है कि
बिहार में अब सरकारी कर्मचारियों की मनमानी पर रोक लगाने का तरीका आदरणीय मुख्य मंत्री श्री नीतीश कुमार ने निकाल लिया है, उन्होंने अपने अधिकारियों को आदेश दिया है कि आम लोगों से मिले आवेदन पत्र मिलने पर उसे पावती आवेदन यानी आवेदन कर्ता को जो कॉपी जो उसके पास प्रमाण के रूप में रहता है कि उसने अधिकारी को आवेदन पत्र दिया है उसपर पूरा सिग्नेचर करने करके कर्मचारी देगा।अब मनमानी नहीं चलेगी ,की hm रिसिविंग नहीं देंगे।
इस फैसले से आम जन को बहुत सुकून मिला है। यही नहीं मुख्यमंत्री जी ने तो अधिकारियों की 3महिने की जिमेदारी भी तय किया है कि कृत कार्यवाई की जानकारी भी आवेदक को तो होनी चाहिए। अंचल कार्यालय में ज्यादा शिकायतें मिली हैं और जनता मूक दर्शक बनी रहती थी लेकिन नीतीश कुमार जी हर कोई का खयाल रखना जानते हैं।अच्छा आपलोग मीडिया हैं साहब देख रहे हैं कि हर रोज भ्रष्ट अधिकारी जेल भेजा जा रहा है बावजूद भ्रष्टाचार में पूरे देश के अधिकारी मस्त है।केंद्र सरकार नीतीश कुमार जी की तरह कार्यवाइ करती तो अच्छा होता परन्तु केंद्र सरकार तो सिर्फ अपने अधिकारियों को छोड़ राजनीतिक विरोधी को ठीक करने में लगी है, माननीय सर्वोच्च न्यायालय के माननीय मुख्य न्यायाधीश महोदय ने भी अपने वक्तव्य में कह दिया है। जनहित में माननीय मुख्य मंत्री जी के द्वारा जारी आदेश निर्देश को पार्टी के कार्यकर्ता आम लोगों तक पहुंचा देंगे।अब हर सरकारी अधिकारियों को आम लोगों का आवेदन लेना ही पड़ेगा क्योंकि सरकार चाहती है कि लोगो को जल्द से जल्द न्याय मिले।अब क्या करें अकेले नीतीश कुमार जी, टोला बसावट दलित आदिवासी समाज तक, सबका विकास हो इसके लिए अभी और प्रयास जारी है। अंत में यह बात कहनी है कि यदि हमारी सरकार के द्वारा संचालित संसाधनों प्रावधान जारी अधिनियम कानून व्यवस्था के तहत अधिकारी मुस्तैदी से काम करने लगें तो बिहार नंबर वन राज्य हो जाए
बैरिस्टर सिंह अधिवक्ता बिहार सरकार के मुख्यमंत्री से कहा है
की स्थानांतरित भूमि सुधार उप समाहर्ताओं को अपने अपने अनुमंडल मुख्यालय में जल्द से जल्द योगदान दे, कृषि कार्य को लेकर बहुत से विवाद बढ़ने लगे हैं बहुत केस पेंडिंग है , जनहित में यह जरूरी है। भूमि सुधार उप समाहर्ता का न्यायालय कार्य बंद है। रसिया अति शीघ्र जनहित में उक्त कार्य आवश्यक है
