रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा ,वारिस अली
डेहरी /रोहतास
गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के तत्वावधान में प्रभावी आपदा प्रबंधन के लिए उभरते हुए तकनीकों के उपयोग को लेकर तीन दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण आज से प्रारंभ हो गया। इस प्रशिक्षण में सूचना प्रौद्योगिकी के छात्रों को देश दुनिया में बाढ़, सुखाड़, चक्रवात, भूकंप एवं भूस्खलन जैसे हमेशा होने वाले आपदा परिस्थितियों से निपटने हेतु विभिन्न नवीनतम तकनीकों से जुड़ी जानकारियां विशेषज्ञ वक्ताओं के माध्यम से प्रदान की गई ।इस प्रशिक्षण का मूल् उद्देश्य मानवता की रक्षा एवं कम से कम नुकसान को लेकर आपदा पूर्व तैयारियों पर आधारित तकनीक का विकास करना है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में वातावरण एवं मौसम आपदा प्रबंधन विभाग के प्रोफेसर अनिल कुमार गुप्ता, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान गृह मंत्रालय भारत सरकार के अधिकारी ताज हसन के अलावे संस्थान के डीन डॉक्टर इप्शिता नंदा, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर एम एल वर्मा, शासी निकाय के वरिष्ठ सदस्य डॉ हरिकेश सिंह तथा कुलाधिपति सह राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने भी अपने अपने विचार प्रस्तुत किए। तकनीकी सत्र में विभाग से जुड़े विद्वानों ने सूचना प्रौद्योगिकी छात्रों को आने वाले समय में आपदा प्रबंधन की तकनीक विकसित करने संबंधी ज्ञानवर्धक जानकारियां प्रदान की। इस अवसर पर ऑनलाइन सेशन को संबोधित करते हुए कुलाधिपति सह सांसद गोपाल नारायण सिंह ने सूचना प्रौद्योगिकी संकाय को अगली पीढ़ी के आईटी पेशेवर के रूप में तैयार करने के लिए की गई स्थापना को प्रभावी ढंग से लेने पर जोर दिया ।उन्होंने इस कार्यक्रम के लिए सहयोग करने वाले राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन संस्थान के प्रति आभार व्यक्त किया तथा तीन् दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में छात्रों को आपदा प्रबंधन के गुर सिखाने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि प्रौद्योगिकी में आपदा प्रबंधन को बदलने की क्षमता है ।खासकर अगर कोई मौजूदा बुनियादी ढांचे के साथ उभरती हुई तकनीक को सफलतापूर्वक एकीकृत कर सकता है तो वह सूचना प्रौद्योगिकी विभाग ही है। उन्होंने भारत की आपदा प्रतिक्रिया और राहत क्षमताओं को बेहतर बनाने में मदद करने के लिए विभाग के छात्रों एवं शिक्षकों से अपील की। कार्यक्रम में संस्थान के सचिव गोविंद नारायण सिंह एवं प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने भी शिरकत किया।
