रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा , वारिस अली
डेहरी /रोहतास
रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में एक 8 वर्षीय बच्चे के हृदय में ज़न्म से ही छेद की बीमारी थी जिससे निजात दिलाकर चिकित्सकों की टीम ने उसे नई जिंदगी प्रदान की है। इस संबंध में जानकारी देते हुए नारायण मेडिकल कॉलेज के सीटीवीएस सर्जन डॉ रजत कालरा ने बताया कि उक्त बालक उन्हें पटना में जांच के क्रम में मिला था जो जन्म से ही परेशान था। डॉक्टर ने बताया कि बच्चे का शरीर का रंग नीला हो गया था और उसे सांस फूलने की बीमारी थी। बच्चे की स्थिति ऐसी थी कि वह अपनी मां के गोद में ही जिंदगी बिता रहा था। उन्होंने बताया कि उसके दिल में छेद के अलावे फेफडे में रूकावट होने के कारण वह ठीक से सांस नहीं ले पाता था ।जांच के बाद डॉक्टर ने उसके अभिभावकों को ऑपरेशन की सलाह दी ।बालक के परिजन कई जगहों पर इसको दिखा चुके थे लेकिन उसकी जटिल समस्या को देखते हुए तथा गरीबी से जूझ रहे परिवार के कारण वह ऑपरेशन नहीं करा पा रहे थे। डॉक्टर कालरा ने बताया कि नारायण मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सिटी वीएस विभाग में अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा उसका सफल ऑपरेशन किया गया ।ऑपरेशन के कई दिनों बीत जाने के बाद अब बच्चा चल फिर रहा है जिससे उसके परिजन और बच्चा दोनों काफी राहत महसूस कर रहे हैं। ऑपरेशन के दौरान चिकित्सकों की टीम ने जहां उसके दिल के छेद को बंद किया वहीं फेफडे के रास्ते को भी खोला ।उल्लेखनीय है कि इस प्रकार का ऑपरेशन दिल्ली, कोलकाता, मुंबई जैसे महानगरों में ही को पता है । डॉक्टर कालरा एम्स दिल्ली और अमेरिका जैसे जगहों से अनुभव प्राप्त कर के नारायण मेडिकल कॉलेज में आए हैं । उनकी देखरेख में नारायण मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इस तरह की बीमारी का इलाज शुरू हो चुका है ।सबसे सुखद है कि इस प्रकार के मरीजों को लिए भी यहां आयुष्मान योजना के तहत मुफ्त उपचार की व्यवस्था शुरू की गई है। इस प्रकार के जटिल ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले चिकित्सा टीम एवं सहयोगी कर्मचारियों को संस्थान के अध्यक्ष सह राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह, सचिव गोविंद नारायण सिंह, प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह एवं अस्पताल प्रबंधन ने प्रसन्नता व्यक्त की है तथा उन्हें हर संभव आधारभूत संरचना विकसित करने का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में और भी बेहतर ढंग से स्वास्थ सेवा उपलब्ध कराई जा सके।
