ईसीआरकेयू में मजदूर यूनियन का हुआ विलय देशभर के श्रमिक संगठनों में एकजुटता जरूरी-केदार



रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा .वारिस अली 

 डेहरी/रोहतास

पूर्व मध्य रेल की एक मात्र मान्यताप्राप्त रेल संगठन ईस्‍ट सेंट्रल रेल कर्मचारी यूनियन ने रेलकर्मीयों के वाजिब हक और अधिकारों के लिए लगातार संघर्ष कर रेलकर्मीयों की बीच ऐसी मजबूत पैठ बनाई है कि अब अन्य गैर मान्यताप्राप्त रेल संगठन का अस्तित्व  ही समाप्त होते जा रहा है।नीजिकरण का मुद्दा हो या मंहगाई भत्ता फ्रीज करना या अन्य कोई श्रमिक विरोधी नीतियों का मामला हो एआईआरएफ से संबद्ध ईस्‍ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन ने अपने केन्द्रीय महामंत्री व देश के मशहूर श्रमिक नेता कामरेड एसएनपीश्रीवास्तव के नेतृत्व में हमेशा से जोन भर  मे मुखर विरोध किया  है।जिससे रेलकर्मी सबसे ज्यादा भरोसा व विश्वास मात्र ईसीआरकेयू पर ही करते है।ऐसा ही नजारा आज ईसीआरकेयू के डेहरीऑन सोन शाखा कार्यालय मे देखने को मिला।जहां ईस्‍ट सेंट्रल रेलवे मजदूर यूनियन के डेहरीऑन सोन शाखा के शाखा सचिव सह डीडीयू मंडल के  संयुक्त सचिव संजीव पांडेय ने अपने सैकड़ो पदाधिकारी व समर्थकों के साथ ईसीआरकेयू के कार्यशैली से प्रभावित होकर अपने सम्पूर्ण संगठन का ही ईसीआरकेयू मे विलय कर दिया।जहां उन्हे ईसीआरकेयू उपाध्यक्ष वीरेंद्र पासवान ने अंगवस्त्र और माला पहनाकर स्वागत किया तथा सदस्यता प्रदान की।

विलय से पूर्व अपने संबोधन में ईसीआरएमयू सचिव संजीव पांडेय ने कहा केन्द्र सरकार की श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ मजबूत आंदोलन और संघर्ष के लिए एआईआरएफ और ईसीआरकेयू का कोई विकल्प नही हो सकता।रेलकर्मीयों के बीच लोकप्रियता की शिखर पर खड़ी ईसीआरकेयू के वजूद के सामने टिकना मुश्किल हो रहा था।ऐसी परिस्थित मे रेलकर्मीयों के आवाज और बुलंद करने लिए मजदूर यूनियन का हमलोगो ने ईसीआरकेयू मे विलय किया।

 इस अवसर पर ईसीआरकेयू के केंद्रीय उपाध्यक्ष केदार प्रसाद ने कहा कि भारतीय रेलवे के लिए यह वक्त ठीक नही है,सरकार भारतीय रेल को बेचने की साजिश कर रही है।लिहाजा रेलकर्मीयों को एकजुट होकर एक बड़े और निर्णायक संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा साथ ही रेलवे को बचाने का संकल्प लेना होगा।नीजिकरण और निगमीकरण को बढ़ावा देने के लिए नये श्रम कानून के जरिए फेडरेशन और यूनियन को कमजोर करने की कुचक्र रचा जा रहा है।ताकि भारतीय रेलवे को चंद मुट्ठीभर पूंजीपतियों के हाथों बेचा जा सकें।इस हालात से हमें निपटना होगा।देश भर के श्रमिक संगठनो को एक साथ आना होगा।इसके लिए संगठन को और अधिक जमीनी स्तर पर और मजबूत करना होगा ।सभा को ईसीआरकेयू के केंद्रीय सहायक महामंत्री रमेश चंद्रा  एव॔ हिंद मजदूर सभा के प्रदेश एडिशनल महासचिव नागेश्वर सिंह ने भी संबोधित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता हरेन्द्र सिंह  तथा संचालन वीरेंद्र पासवान ने की।समारोह मे नवीन मिश्रा,प्रमोद यादव,नरेन्द्र प्रताप सिंह,आलोक सिंह,रूपेश यादव,अविनाश कुमार, अमरेश कुमार,प्रमोद रंजन तिवारी,श्मशाद हुसैन,संजय कुमार, विजय बहादुर, प्रफूल यादव,सुधीर कुमार, मनोज कुमार, धर्मेंद्र कुमार, अजय कुमार, बिनोद शर्मा,कुमार रंजन, रमेश चंद्रा,सौरभ कुमार, मिथिलेश सिंह,जीतेश कुमार, हितेश कुमार, अभिषेक कुमार, ज्योति रंजन,हरेश कुमार, मुकेश कुमार, एके सिंहा,अखिलेश कुमार,सुरेन्द्र कुमार, शैलेन्द्र कुमार,धरमू एक्का, अशोक कुमार,उदय शंकर यादव, सौरभ कुमार, जीतेन्द्र यादव, विकास कुमार, चंदन पांडेय, दीनानाथ ,सुरेश राम,ब्रह्मदेव पासवान, राजेश कुमार पांडेय सहित सैकड़ो रेलकर्मी उपस्थित थे।