निशुल्क संचालित डेहरी रेमेडियल क्लासेज के छात्र -छात्राओं ने बोर्ड परीक्षा में लहराया परचम



रिपोर्ट:-वारिस अली 
डेहरी /रोहतास
  रोहतास जिले के डेहरी अनुमंडल में जनता एवं शिक्षकों के सहयोग से निरंतर चलने वाला रिमेडियल क्लासेज छात्रों के लिए बेहतर कार्य कर रहा है जिसकी प्रशंसा डेहरी शहर के आवामी लोग कर रहे हैं बाबूगंज में पूर्व मंत्री मोहम्मद इलियास हुसैन के द्वारा स्थापित मोहम्मद इलियास हुसैन उर्दू गर्ल्स हाई स्कूल बंद होने के बाद उसके भवन में कुछ योग्य शिक्षकों के बल पर आम जनता से सहयोग से कोचिंग क्लास करते हुए गरीब असहाय हिंदू मुस्लिम छात्र छात्राओं को दो 4 घंटे की शिक्षा देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का भरसक प्रयास किया जा रहा है यहां पढ़ने वाले बच्चों को काफी उत्साह मिल रहा है और वे अपने जीवन के भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए दिन रात मेहनत भी कर रहे हैं जिसका प्रतिफल है कि      
    मैट्रिक परीक्षा 2022 में रेमेडियल क्लासेज के छात्र छात्राओं ने अपनी कड़ी मेहनत और लगन से अपने शहर और कोचिंग का नाम रौशन किया। इन बच्चों ने दूसरे मेघावी बच्चों के लिए मिशाल कायम किया है,और ये साबित किया है की अगर आपके पास लगन और मेहनत हो तो बिना पैसा के भी किसी भी परीक्षा में सफलता प्राप्त किया जा सकता है। विगत  5 वर्षो से डेहरी रेमेडियल क्लासेज के छात्र छात्रायें अपना जलवा दिखा रहे हैं। जिनमें कोचिंग संस्था के छात्र जावेद आलम 444 अंक, अनुराग कुमार 435 अंक, अखलाक अहमद 428 अंक, आलिया तब्बसुम 424 अंक, सदफ तबस्सुम 423 अंक, महताब आलम 422 अंक के अलावा अन्य छात्र-छात्राओं ने बेहतर अंक प्राप्त कर अपने कोचिंग और स्कूल का नाम रौशन किया। यहां के शिक्षक ने हमारे वरिष्ठ पत्रकार वारिस अली को बताया कि
  डेहरी रेमेडियल क्लासेज मेधावी व आर्थिक रूप से कमजोर छात्र- छात्राओ को वर्ग 7वीं से 10वीं तक निःशुल्क कोचिंग क्लासेज सुविधा मुहैया कराता है। कोचिंग के तरफ से सभी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। इस मौके पर शिक्षक गुलाम  सरवर ,मज़हर, जावेद , इक़बाल , शादाब , शबनम मैम, अकबर ,. समेत अन्य  सभी शिक्षकों ने सम्मानित किया। इस कार्यक्रम से छात्रों का मनोबल काफी बढ़ा है और पढ़ने वाले छात्र छात्राओं ने ठान लिया है कि हमें अगले दौर में बिहार में अपना स्थान बनाना है जिसके लिए शिक्षकों नए और बेहतर तैयारी के साथ छात्रों पर मेहनत करने का मन बनाया है शिक्षकों ने शहर के आवामी लोग तथा समाजसेवी प्रबुद्ध जनों से गुजारिश किया है कि उक्त कोचिंग क्लासेज के लिए अपने खर्च का ढाई परसेंट जो जकात की रकम निकालते हैं वह पैसा अगर इस विद्यालय को मिल जाए तो गरीबों और मेहनती छात्रों को पढ़ाने में और मदद मिलेगी उन्होंने रमजान का मुबारकबाद देते हुए यह भी कहा है कि अपनी मोटी रकम किसी भी  फर्जी लोगो द्वारा मदरसे को संचालित करने वाले को  चलाने वाले को ना दें उस पैसे का इस्तेमाल गरीब बच्चियों की शादी करने वाले को या अपने पड़ोसी मुश्किलों मैं पड़े मरीजों को दें या इस विद्यालय को गुप्त रूप से दे सकते हैं जिस का रिजल्ट भी आपके शहर को मिलेगा और ऊपर वाले की दुआ भी मिलेगी