भारतीय नववर्ष के अवसर पर स्वर्वेद यात्रा डालमियानगर क्षेत्र में निकाली गई





रिपोर्ट ;-गौतम कुमार , वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

अंतर्राष्ट्रीय विहंगम योग सन्त समाज द्वारा सम्पूर्ण विश्व में, सम्पूर्ण विश्व के सुख शान्ति और समृद्धि हेतु की मंगलकामना हेतु #स्वर्वेदयात्रा का आयोजन किया जाता रहा है,  गुरुवार स्वर्वेद यात्रा  पूर्णवासी बिगहा सत्संग भवन से शुरू होकर मौनिया बिघा,एकता चौक, मथुरापुर होते हुए पुनः सत्संग भवन के पास आकर  समाप्त हुआ कार्यकर्ताओं ने हमारे वरिष्ठ पत्रकार वारिस अली को बताया 

 की वर्वेद' विहंगम योग संस्थान का प्रधान सद्ग्रन्थ है। 'स्वर्वेद' हिमालय योगी अनंत श्री सद्गुरु महर्षि सदाफल देव जी की अमूल्य कृति है। अध्यात्म-मार्तंण्ड एवं युगपुरुष सदगुरुदेव ने 17 वर्षों की गहन साधना द्वारा प्राचीनकाल से लुप्त ब्रह्मविद्या को पुनर्जीवित कर योग के उच्चतम लक्ष्य परमात्मा की प्राप्ति की एवं यह दुर्लभ ज्ञान जनमानस को उपलब्ध करा दिया। मानवमात्र के कल्याणार्थ स्वामी जी ने अपने अनुभूत ईश्वरीय ज्ञान को हिमालय शून्य शिखर की कंदरा में इस दिव्य ग्रंथ 'स्वर्वेद' में लिपिबद्ध किया। 'स्वर्वेद' चेतन योग समाधि की अवस्था में प्राप्त प्रत्यक्ष आध्यात्मिक अनुभवों का संकलन है। इसमें किसी अन्य ग्रंथ का संदर्भ नहीं लिया गया है। इस ग्रंथ में हम अनुभूति एवं अभिव्यक्ति का अद्भुत सामंजस्य पाते हैं।

इस पावन अवसर पर बिहार विहंगम योग सन्त समाज रोहतास जिला विहंगम योग सन्त समाज डेहरी प्रखन्ड प्रभारी श्री भृगुनाथ सिंह  उपदेष्टा श्री अनूप रावत , श्री मनोज सिंह , श्री रमण कुमार , श्रीमती निलम सिंह, मृत्युजय , श्री मन सिंह, सुनील सिंह, दारोगा , रविन्दर चौधरी  साथ-साथ डेहरी प्रखंड विहंगम योग सन्त समाज के सैंकड़ों  गुरुभाई-बहनों ने इस स्वर्वेद यात्रा में हर्ष और उल्लास के साथ शामिल होकर संपूर्ण विश्व की सुख शांति और समृद्धि की मंगलकामना की।