रिपोर्ट ;- वारिस अली
डेहरी /रोहतास
शिक्षा, सेवा और शादी विषय पर सेमिनार मैं समाजसेवी सत्या नंद कुमार ने हमारे वरिष्ठ संवाददाता वारिस अली को बताया कि वर्तमान समय को देखते हुए कहना उचित है कि आज प्रत्येक वर्ग में बदलाव है
हमारे समाज में शिक्षा के प्रति लोगों के नजरिया में बहुत ही परिवर्तन देखा जा रहा है। विद्यार्थी सिर्फ इसलिए पढ़ रहे हैं, कि उन्हें सरकारी नौकरी मिल जाए। पढ़ने के लिए सब जाते हैं पर सीख कुछ नहीं पाते। पर अब आप किसी भी इंस्टिट्यूट में पढ़ने नहीं, सीखने जाइए। कि क्यों पढ़ना है? कैसे पढ़ना है? कितना पढ़ना है? और पढ़ने के बाद क्या करना है? हमारी जिम्मेवारी समाज को स्वच्छ एवम स्वावलंबी बनाना है। जिसके लिए हमें पहले खुद को हर दृष्टिकोण से मजबूत बनाना पड़ेगा। उक्त बातें मोटिवेशनल स्पीकर व समाजसेवी सत्यानंद कुमार ने ओपी क्लासेज में आयोजित सेमिनार में कही । जहां सैकड़ों विद्यार्थीयो ने सभी बातों को गंभीरता से सुने एवं तालियां बजाकर सभी को उत्साहित किया। सभा को संबोधित करते हुए आकाश कुमार, रजत कुमार, आशीष कुमार व ओपी कुमार ने विद्यार्थियों के जीवन से जुड़ी उन बातों को रखा। जो उनके लिए मील का पत्थर साबित होता है। दहेज जैसे कुरूतियों पर सत्यानंद कुमार ने सभी विद्यार्थियों को बताया कि आप ऐसा पढ़ाई करो ताकि आप अपने पैर पर खड़ा हो जाओ और शादी करते समय दहेज का कोई शब्द ही ना हो। तब हमारा जीवन सार्थक है। पढ़ाई के बाद आप इतना पैसा कमा लो की किसी के आगे हाथ फैला ना पड़े। लड़की वालों को दहेज देना न पड़े और लड़कों वालों को दहेज मांगना ना पड़े। इस बात का ध्यान रखें नहीं तो हमारा जीवन व्यर्थ है।