रिपोर्ट ;- मयंक शास्त्री
औरंगाबाद:- अन्तराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद औरंगाबाद की छात्रा कार्यकर्ताओं द्वारा महिला सशक्तिकरण प्रतिभा निखार सेमिनार का आयोजन किया गया। जिसमें सभी छात्राओं ने अपनी कलाकृति के द्वारा महिलाओं पर श्लोगन कविता लिखा औऱ सेमिनार में अपनी महिलाओं के विषय पर बातें रखी। मां सरस्वती छात्रावास कि डॉक्टर अमृता ने कहा कि आज का दिन महिलाओं की उपलब्धियों को समर्पित है। लेकिन कुछ लोगों को यह भ्रम है कि महिलाओं को उसके शक्ति का एहसास कराना पड़ता है। कुछ लोगों को यह भ्रम है कि महिलाओं को सशक्त होना पड़ता है, कराना पड़ता है तो मैं उन लोगों को बता दूं कि महिलाओं को सशक्त कराने की आवश्यकता नहीं महिला खुद में ही सक्षम है खुद को सशक्त बनाने के लिए। जब इस देश में पीवी सिंधु विश्व चैंपियनशिप जीती है जब इस देश में वित्त मंत्री के पद पर पहली बार कोई महिला विराजमान होती है तो मुझे मेरे महिला होने पर गर्व होता है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य आशिका सिंह ने बताया कि आज की महिलाएं जीवन के हर क्षेत्र में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल ही नहीं रही बल्कि धीरे-धीरे उनसे आगे निकल रही। लेकिन फिर भी अब भी कई ऐसी चुनौतियां हैं जो उनके कदमों को रोकने का काम कर रही है। वैसे तो हर क्षेत्र में महिलाओं ने अपनी काबिलियत, हुनर, मजबूत इच्छाशक्ति से हर चुनौती का चकनाचूर कर दिया है जो उनकी तरक्की में बाधा पहुंचाने का काम करता है, लेकिन अब भी कई ऐसी चुनौतियां हैं जिससे वह जूझ रही है जैसे शिक्षा ना मिल पाना अपने देश में बड़ी संख्या में लड़कियां अपनी शिक्षा को पूरा नहीं कर पाते हैं आज भी लड़कियों को अपने जीवन के हर क्षेत्र में कई तरह के भेदभाव का सामना करना पड़ता है। इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सरिता वर्मा,काजल,निशा रानी, सरिका,रूपा,मनीषा,रूपाली,सोनम सिन्हा,शालिनी, प्रिया, सौम्या, आरुषि व अन्य महिलाएं भी शामिल रहे।