नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में मत्स्य विज्ञान विभाग द्वारा कल शाम विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया गया।

रिपोर्ट:-गौतम कुमार
डेहरी/रोहतास
रोहतास जिले के जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित नारायण कृषि विज्ञान संस्थान में मत्स्य विज्ञान विभाग द्वारा कल शाम विश्व आर्द्रभूमि दिवस मनाया गया। इसके अंतर्गत मत्स्य विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर सी एस चतुर्वेदी ,सहायक प्राध्यापक मनोज कुमार और सहायक प्राध्यापक सुश्री सुचिस्मिता ने आर्द्रभूमि की जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और सतत उपयोग हेतु संस्थान में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम जैसे क्विज प्रतियोगिता ,पोस्टर प्रतियोगिता और अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया  अतिथि व्याख्यान डॉक्टर बबीता रानी ,वरिष्ठ वैज्ञानिक भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद केंद्रीय मत्स्य शिक्षा संस्थान मुंबई द्वारा दिया गया  इसमें उन्होंने बायो फ्लॉक तकनीकी के माध्यम से मछली पालन के बारे में विस्तृत जानकारी दी  कार्यक्रम के दौरान संस्थान के निदेशक डॉ ए पी सिंह, अध्यापक ,कर्मचारी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे  उल्लेखनीय है कि जमीन का वह हिस्सा जहां पानी और भूमि आपस में मिलते हैं उसे वेटलैंड कहा जाता है। इसी वेटलैंड को विश्वस्तरीय तौर पर विश्व आर्द्र भूमि दिवस के रूप में मनाया जाता है  ऐसी भूमि पर वर्ष भर आंशिक या पूर्ण रूप से जल भरा रहता है  हर साल 2 फरवरी को वर्ल्ड वेटलैंड डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य उन क्षेत्रों पर प्रकाश डालना है जो विलुप्त होने वाले हैं। आर्द्रभूमि अद्वितीय उत्पादक पारिस्थितिक तंत्र है जहां स्थलीय और जलिय्  आवास मिलते हैं  ।वेटलैंड्स कई प्राकृतिक चक्र को बनाए रखने और जैव् विविधता की एक विस्तृत श्रृंखला का समर्थन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है ।