भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी ,धर्मवीर सिंह


 गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 
विश्व हिंदू परिषद सह बजरंग दल डेहरी नगर मे काली माता मंदिर के प्रांगण में अखंड भारत दिवस मनाया गया। इस अवसर पर अखंड भारत के मानचित्र की पूजा करने के साथ-साथ सभी कार्यकर्ताओं को भारत के गौरवशाली इतिहास के बारे में जानकारी दी गई। विहिप के नगर संगठन मंत्री धर्मवीर सिंह ने कहा कि जिस तरह से भारत मां के टुकड़े किए गए, उसे वर्तमान के साथ-साथ हमारी आने वाली पीढ़ी को जानना चाहिए। इस अवसर पर सभी कार्यकर्ता अखंड भारत का संकल्प भी लिये। बजरंग दल जिला संयोजक गोपी कुमार ने कहा प्रत्येक वर्ष 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस डेहरी नगर मे मनती है। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले 14 अगस्त को अखंड भारत दिवस मनाया जाता है। हालांकि कुछ जगहों पर ऐसे प्रोग्राम 15 अगस्त को भी होंगे। बजरंग दल हर साल ऐसे आयोजन करता है. इस दिन देश भर में विश्व हिन्दू परिषद् सह बजरंग दल के संगठने जहां जहां कार्यकर्ता है। सभी जगहो पर अखंड भारत का संकल्प लेंगे, वहीं विभिन्न इकाइयों की ओर से आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञ वक्ताओं को बुलाकर अखंड भारत के सपने को साकार करने पर चर्चा होगी। विहिप धर्म प्रसार जिला प्रमुख भोला चौहान ने कहा कि अखंड भारत में आज के अफगानिस्तान, पाकिस्तान, तिब्बत, नेपाल, भूटान, म्यांमार, बांग्लादेश और श्रीलंका आता है। पिछले 300 वर्षों में आठ बार भारत को खंडित किया गया। 1876 में रूसी और ब्रिटिश शासकों ने मिलकर अफगानिस्तान के नाम से बफर स्टेट बना दिया। बाद में भारत के स्वतंत्रता आंदोलन से यह इलाका अलग हो गया। इसके बाद 1904 में नेपाल, 1906 में भूटान, 1914 में तिब्बत, 1935 में श्रीलंका, 1937 में बर्मा, जो बाद में म्यांमार बना, 1947 में पाकिस्तान और 1971 में बांग्लादेश बना दिया गया। बजरंग दल जिला सह संयोजक विकाश कुमार ने कहा कि कहा कि सन 1800 से पहले के भारत पर नजर दौड़ाएंगे तो देखेंगे कि अभी जो देश हैं, उस समय नहीं थे। केवल स्वतंत्र राजसत्ताएं थीं। सांस्कृतिक रूप से सभी भारतवर्ष के रूप में एक थे। एक-दूसरे स्थानों पर सभी लोगों का आवागमन था। जैसे-जैसे इन इलाकों में विदेशी शक्तियां आती गईं, स्थिति खराब होती चली गई। वैसे 1947 के बाद भारत ने फ्रेंच के कब्जे से पुडुचेरी, पुर्तगाल के कब्जे से गोवा और दमन और अमेरिका के कब्जे में जाते हुए सिक्किम को मुक्त कराया था। बजरंग दल नगर संयोजक दीपक दास ने कहा अखण्ड भारत के विचार पर खासा जोर दिया गया है। बजरंग दल का मानना  है कि 15 अगस्त को हमें आजादी जरूर मिली, मगर मातृभूमि के विभाजन का गहरा घाव भी सहना पड़ा है। बजरंग दल का यह भी मानना है कि अखंडता का मार्ग सांस्कृतिक है, न कि सैन्य कार्रवाई. भारत की अखंडता का आधार भूगोल से ज्यादा संस्कृति और इतिहास है। इस मैके पर विश्व हिंदू परिषद् प्रांत कार्यकारिणी सदस्य अर्जुन प्रसाद केशरी, बजरंग दल सह संयोजक चंदन गुप्ता, गौरक्षा प्रमुख रणधीर कुमार, आखाडा प्रमुख नीरज कुमार, रवि बहादुर, प्रकाश कुमार, रवि प्रजापति, अभिषेक दुबे, दीपक मेहता, कोमल कुमार, राजा कुमार, डा० मिलेश, सन्नी सिंह, संतोष कुमार, पप्पू कुमार विजय कुमार, चंदन कुमार, हिमांशु दुबे, अंकित गुप्ता उपस्थित हुए।