घटिया नाला निर्माण पर मुख्य पार्षद ने लगाई रोक कार्रवाई के लिए विभाग को लिखा पत्र तो संवेदक को बड़ी बेचैनी महत्वकांक्षी योजना में भ्रष्टाचार को देख लोगों में आक्रोश


 पुष्पा गुप्ता की रिपोर्ट ;-

डेहरी।रोहतास

नगर परिषद क्षेत्र के अति महत्वकांक्षी नाला निर्माण योजना में भ्रष्टाचार को लेकर स्थलीय जांच के बाद मुख्य पार्षद ने जहां डीएम समेत विभागीय अधिकारियों को सख्त कारवाई के लिए पत्राचार किया है। वही नाला निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया गया है। इससे घनी आबादी मिलने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बताते चलें कि नगर परिषद की महत्वकांक्षी योजनाओं में से एक राजकीय मध्य विद्यालय पानी टंकी से कचौड़ी गली मोड़ तक का मुख्य नाला का निर्माण होना था। संवेदक अनिल राय और आलोक कुमार को नाला निर्माण कार्य की जिम्मेवारी दी गई थी। जनवरी माह में मुख्य नाला निर्माण का कार्य दोनों संवेदकों के द्वारा शुरू किया गया। करीब एक करोड़ 10 लाख रुपए की लागत से बनने वाले नाला निर्माण कार्य के शुरुआती दौर में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए स्थानीय पार्षद श्याम बिहारी प्रजापति समेत भिखारी प्रसाद,विनोद कुमार शर्मा आदि ने कार्यपालक पदाधिकारी व मुख्य पार्षद को ज्ञापन दिया था। जिसमें कहा था कि राजकीय मध्य विद्यालय पानी टंकी की चारदीवारी से त्रिगुण मोड होते हुए कचौड़ी गली तक दोनों तरफ आरसीसी नाला निर्माण कार्य कराया जा रहा है। संवेदकों द्वारा निर्माण कार्य में मनमानी की जा रही है। नाला का बेड एवं दीवाल सही नहीं बनाया जा रहा है। साथ ही नाला खुदाई के बाद मिट्टी भी सड़कों पर छोड़ दिया जाता है। जिस कारण कई बार महिलाएं फिसल कर गिर चुकी है। इसके बावजूद संवेदक द्वारा शिकायत के बावजूद मानक के अनुरूप कार्य नहीं किया जा रहा है। जन शिकायत मिलने के बाद मुख्य पार्षद विशाखा सिंह ने स्थल का निरीक्षण कर कार्यपालक पदाधिकारी नगर विकास के अधिकारियों को पत्र लिखकर कहां है कि प्राक्कलन के अनुसार संवेदक द्वारा कार्य नही किया जा रहा है। नाला निर्माण में भ्रष्टाचार की वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल की गई। पूर्व में भी कार्यपालक पदाधिकारी को सूचना देने के बाद संवेदक द्वारा कोई सुधार नहीं किया गया तथा चालू बी पत्र की मांग को लेकर भुगतान करने के लिए बाहरी राजनीतिक दल के नेताओं द्वारा दबाव बनाया जा रहा है। दोनों संवेदकों द्वारा राज्य सरकार व नगर परिषद को बदनाम किया जा रहा है। मुख्य पार्षद की शख्ती के बाद नाला निर्माण कार्य फिलहाल बंद कर दिया गया है। हालांकि इससे स्थानीय लोगों में काफी आक्रोश है। लोगों में संवेदक पर कड़ी कारवाई के लिए अन्य पदाधिकारियों को भी आवेदन दिया है। मुख्य पार्षद विशाखा सिंह का कहना है कि नगर परिषद में जीरो टोलरेंस पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी दबाव में विकास कार्य में गुणवत्ता बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा भ्रष्टाचार के खिलाफ कारवाई जारी रहेगी।