उमंगेश्वरी पर्वत के सहस्त्र लिंगी मंदिर के प्रांगण में हुआ योग कक्षा का आयोजन


 मयंक शास्त्री की रिपोर्ट ;-

औरंगाबाद:- सातवें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मदनपुर उमंगेश्वरी पर्वत के सहस्त्र लिंगी मंदिर के प्रांगण में योग परिवार मदनपुर के द्वारा योग कक्षा का संचालन किया गया। कोविड 19 के लिए जारी दिशा निर्देशों का पालन करते हुए योग की शुरुआत योग प्रशिक्षक सह शिक्षक राजकुमार प्रसाद गुप्ता के नेतृत्व में प्रार्थना से की गई।  तत्पश्चात वर्तमान समय में कोरोना जैसी खतरनाक बीमारी से बचाव तथा रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने एवं अन्य रोगों के निवारण हेतु संबंधित योग के फायदे बताए गए। योग की शुरूआत शारीरिक फुर्ति के लिए चालन क्रियाएं जैसे ग्रीवा चालन, स्कंध संचालन,  कटि चालन, घुटना संचालन एवं सूक्ष्म व्यायाम जैसी क्रियाएं की गई। इसके बाद खड़े होकर किए जाएं जाने वाले आसन जैसे ताड़ासन, वृक्षासन, पादहस्तासन, अर्ध चक्रासन, त्रिकोणासन, बैठकर किए जाने वाले आसन जैसे भद्रासन, वज्रासन,अर्ध उष्ट्रासन, उष्ट्रासन, मंडूकासन शशकासन,उत्तान मंडूकासन, वक्रासन आदि, पेट के बल लेटकर किए जाने वाले आसन जैसे मकरासन, भुजंगासन, सेतुबंध आसन, शलभासन, उत्तानपादासन, अर्ध हलासन, पवनमुक्तासन एवं शवासन , बैठकर किए जाने वाले आसन एवं प्राणायाम जैसे भ्रस्तिका, कपालभाति, बंध लगाना, नाड़ी शोधन, अनुलोम विलोम, शीतली, भ्रामरी, उज्जयी  प्राणायाम किए गए। तत्पश्चात योग साधकों द्वारा ध्यान मुद्रा के साथ ओम का उच्चारण किया गया तथा संकल्प लिया गया कि हमें अपने मन को हमेशा संतुलित रखना है। इसमें ही हमारा आत्म विकास समाया है।हम स्वयं के प्रति,दूसरों के प्रति, समाज और विश्व के प्रति शांति,आनंद और स्वास्थ्य के विस्तार के लिए प्रतिबद्ध रहूंगें। पर्यावरण की रक्षा करूंगें तथा ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित करने में सहयोग देंगे । संकल्प के उपरांत शिक्षक तपेश्वर कुमार के द्वारा " योग का हमारे जीवन में क्या महत्व है" विषय पर परिचर्चा की गई। इसके बाद शांति पाठ के साथ योग कक्षा का समापन किया गया। इस अवसर पर शिक्षक संजय पासवान, समाजसेवी  अलख देव पासवान, ऋषि कुमार,  धनंजय पासवान, इंद्रजीत कुमार,  छोटू कुमार, अभय कुमार, चंदन कुमार  सहित कई योग साधक मौजूद रहें। विदित हो कि प्रति वर्ष 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जाता है। इसके पीछे यह लाॅजिक है कि यह  दिन वर्ष का सबसे लंबा दिन होता है और योग भी मनुष्य को दीर्घ जीवन यानि लम्बी आयु प्रदान करता है।  इसकी शुरुआत पहली बार 21 जून 2015 को की गई। जिसकी पहल भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र संघ महासभा में अपने भाषण से की थी । जिसके बाद 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया गया और 21 जून 2015 को पूरे विश्व में इसकी विधिवत शुरुआत की गई, तब से लेकर यह लगातार एक अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के रूप में मनाया जाता है।