गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
आपसी मतभेद के कारण अभी तक दर्ज नहीं हो पाई है प्राथमिकी
डेहरी/ रोहतास
गंगौली पंचायत के गंगौली गांव के मध्य सह माध्यमिक विद्यालय गंगौली में चोरी का मामला प्रकाश में आया है। विद्यालय के प्राचार्य उत्तिम नारायण सिंह ने बताया कि लॉकडाउन के अवधि में विद्यालय बंद के दौरान चोरों ने दरवाजा की कुंडी काटकर तथा दरवाजा तोड़कर विद्यालय के चार पंखे चुरा लिए हैं। उन्होंने बताया कि जिला शिक्षा अधीक्षक से प्राप्त पत्र के आलोक में जब मैं 24 जून को विद्यालय पर गया तो पाया कि नीचे के तल्ले पर एक दरवाजा का कुंडी काटा गया है तथा चोरों द्वारा कक्षा में लगे हुए एंकर कंपनी के दो पंखे चोरी कर लिए गए हैं। उसी समय जब मैं प्रथम तले पर गया तो वहां पर भी एक दरवाजा पूर्ण रूप से उखाड़ कर नीचे गिराया गया है तथा उस कमरे में भी उपलब्ध दो पंखों को चोरों ने चोरी कर लिया है। इस प्रकार विद्यालय से चार पंखे चोरी हुए हैं तथा अन्य कागजात जिधर तिधर चोरों द्वारा फेंक दिया गया था। जिसे पुनः उठाकर मेरे द्वारा रखा गया है। लेकिन प्राथमिकी दर्ज करने के संदर्भ से उन्होंने इंकार किया है। उन्होंने कहा कि स्थानीय प्रतिनिधि द्वारा निराशाजनक प्रतिक्रिया के कारण अभी तक प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई जा सकी है।
क्या कहते हैं स्थानीय प्रतिनिधि
स्थानीय प्रतिनिधि राकेश कुमार ने बताया कि विद्यालय द्वारा बुलाए गए बैठक में वह किसी कारणवश नहीं पहुंच पाए। तथ्य जाने बिना निराशाजनक आरोप लगाना सरासर गलत है। वहीं दूसरी ओर स्थानीय प्रतिनिधि बैजंती देवी पति पप्पू कुमार ने बताया कि विद्यालय में चोरी होने की घटना पर प्राचार्य को चाहिए कि सर्वप्रथम प्राथमिकी दर्ज कराएं। जब विद्यालय में रात्रि प्रहरी है तो चोरों ने चोरी की घटना को किस प्रकार से अंजाम दिया। प्राचार्य रात्रि प्रहरी के गवाही पर भी प्राथमिकी दर्ज करा सकते थे। स्थानीय प्रतिनिधि प्राथमिकी के लिए तैयार हैं, लेकिन प्राचार्य प्राथमिकी का आवेदन न देकर दोषारोपण कर रहे हैं। वह अपने गलतियों को छुपाने के लिए स्थानीय प्रतिनिधि पर दोषारोपण कर स्वयं को बचाना चाहते हैं।
क्या कहते हैं अंचल शिक्षा पदाधिकारी
अंचल शिक्षा पदाधिकारी सुरेश प्रसाद ने बताया कि अभी तक चोरी के संदर्भ में प्राचार्य द्वारा मुझे कोई सूचना नहीं दी गई है। उनसे पूछे जाने पर कि प्राचार्य द्वारा 24 जून को ही यह घटना ज्ञात हुआ था फिर भी अभी तक आपको जानकारी क्यों नहीं दी गई, इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी हमें देनी चाहिए थी लेकिन उन्होंने नहीं दी। यह गलत है। साथ ही उन्होंने इस संदर्भ में जानकारी प्राप्त करने के लिए प्राचार्य से दूरभाष पर बात करने को भी कहा है।
