डालमियानगर। रोहतास
जहां बिहार कि माटी से जन्मे बाबा वीर कुंवर सिंह अपने अद्भ्य साहस और देश भक्ति के लिए जाने जाते है। जिन्होंने अपनी कुर्बानी इस देश के भविष्य को बनाने हेतु अपना जीवन अर्पित कर दिया । उन्हीं के नाम पर बना वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय वर्तमान में शाहाबाद के युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ कर रहा है, अपितु अनेकों छात्र छात्राओं का जीवन अंधकारमय एवं अनेकों छात्रों का जीवन बर्बाद कर डाला है। उक्त बातें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् के वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के संयोजक मनीष उर्फ यश उपाध्याय ने प्रेस वार्ता में कही। उन्होंने कहा कि वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के छात्र छात्राओं को ऐसे विश्वविद्यालय प्रबंधन के हाथ में सौंपा गया है। जहां प्रवेश परीक्षा और परिणाम को लेकर छात्र-छात्राओं में चिंतित है। मानो उनका यह जीवन अभिशापित्त हो गया हो ।
विश्वविद्यालय के अधिकारी ना सिर्फ भ्रष्ट है, बल्कि तानाशाह भी है। विश्वविद्यालय में अनेकों सत्र पीछे चल रहे है। जैसे-तैसे प्रवेश परीक्षा करा भी लेती है, तो परिणाम में आधा से ज्यादा त्रुटि होती है। और छात्र छात्राओं को हर्जाना भुगतना पड़ता है। व दिन रात विश्विद्यालय का चक्कर काटते है। जहां उनसे चालान के नाम पर मोटी रकम तो ली जाती है, पर उनका काम नहीं होता है। पिछले कई सत्र का समय-समय पर परीक्षा तक नहीं हुआ है, जिसके वजह से छात्रों में आक्रोश है । वोकेशनल कोर्सेज का हाल और भी बुरा है।
पिछले कुछ सालों में जो हुए भी तो आधा रिजल्ट गलत था। और जिनका रिजल्ट सही था, उनको अभी तक उनका अंक पत्र नहीं मिला। हाल में ही ले ले तो वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन का तानाशाही रवैया कुछ इस कदर का है, कि जैसे तैसे उन्होंने ने आनन फानन में आकर सत्रा 17-20 की परीक्षा विलम्ब से ही सही ले तो ली। और हाल ही में उनका परिणाम घोषित किया है। जिसमें 60 प्रतिशत से ज्यादा छात्रों का रिजल्ट गलत है, किसी का रिजल्ट आया तो ही नहीं है । किसी का रिजल्ट आया भी तो उसमें किसी का लिंग बदल दिया जाता है ,किसी के पिता का नाम गलत है,तो किसी के प्रतिष्ठित विषय को बदल दिया जाता है । जिससे छात्र छात्राओं के जीवन प्रभावित ही नहीं बल्कि बर्बाद हो रहा है । वहीं स्नातक भाग 2 सत्र 18-21 का एडमिट कार्ड जारी होता, जिसमें उसी प्रकार की गलतियां दोहराई जाती है ।
आखिर ये कब तक चलेगा ,कब तक छात्र शोषित होंगे कब तक विश्विद्यालय के अधिकारी तानाशाही रवैया से छात्र छात्राओं का जीवन बर्बाद करते रहेंगे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् ऐसे अधिकारी समेत पूरे विश्व विद्यालय प्रशासन को आगाह करते हुए कहना चाहती है, कि जल्द से छात्र छात्राओं का रिजल्ट ,एडमिट कार्ड सुधरे एवं सभी सत्रों का प्रवेश परीक्षा ले। विश्वविद्यालय प्रशासन याद रखे कि जोर जुल्म के टक्कर में संघर्ष हमारा नारा है। छात्रहितों का हनन हुआ तो खून बहेगा सड़कों पर की तर्ज पर विद्यार्थी परिषद एक वृहद आंदोलन करने को बाध्य होगी।
