शहर के सफाई के आइकन है रवि शेखर:- डॉक्टर ओपी आनंद


 दीपराज की रिपोर्ट ;-

डेहरी /रोहतास 

प्रधानमंत्री द्वारा स्वच्छ भारत के तहत कई योजनाएं चली, लेकिन कुछ समय के बाद योजनाएं असफल भी नजर आती है। क्योंकि इसमें लोगों की जागरूकता का अभाव दिखाई देता है। लोग अपने द्वारा किए गए कार्यों को न देखते हुए सारा दोष पदाधिकारियों एवं जनसेवकों पर मढ़ देते हैं तथा आरोप लगाते हुए सरकार की सारी योजनाओं को विफल बताते हैं। यह जानना अति आवश्यक है कि जब तक लोग स्वयं स्वच्छता पर ध्यान न देंगे तब तक देश व इलाका स्वच्छ नहीं रह सकता। ऐसे माहौल में भी कुछ जनसेवक लोगों के आंखों को खोलने एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए, स्वच्छता के पैमाने पर खरा उतरने का प्रयास करते हैं। ऐसा ही नजारा प्रायः वार्ड नंबर 3 के वार्ड पार्षद रवि शेखर द्वारा देखा जा सकता है। ऐसे तो रवि शेखर वार्ड पार्षद के साथ एक वरिष्ठ अधिवक्ता भी हैं। वह वार्ड पार्षद चुनाव में खड़ा होकर वार्ड नंबर 3 के वार्ड पार्षद नियुक्त हुए हैं। बताते चलें कि रवि शेखर विलक्षण प्रतिभा के व्यक्ति हैं। वह शहर के लोगों को खेलों के साथ-साथ अन्य क्रियाकलाप में भी जोड़ने का पूरा प्रयास करते रहे हैं। जिसका देन है कि डालमियानगर जैसे छोटे कस्बे में हिमांशु फाउंडेशन एक ऊंची उड़ान हासिल की है तथा उनके कार्यों द्वारा कई प्रतिभावान खिलाड़ी नई ऊंचाइयों को छूते हुए जिला व राज्य का नाम रोशन भी कर रहे हैं। वही रवि शेखर सामाजिक सरोकार रखते हुए नगर परिषद कर्मचारियों की अनुपस्थिति में स्वयं झाड़ू लेकर मुख्य सड़कों को साफ करना, कभी-कभी नाली से ऊपर रोड पर पानी बहते हुए नाली को साफ कर रोड से पानी खाली करना, लोगों के सुख दुख में शरीक होकर हौसला देना इत्यादि अन्य कार्यों के कारण आज वह नौजवानों एवं गरीबों के दिल में अपना जगह स्थापित कर चुके हैं। इनका कार्य उन वार्ड पार्षदों के लिए आइकन भी है जो सारा ठिकरा नगर परिषद पर फोड़कर अपने कार्यों को न करते हुए अपने दायित्व से दूर हटने का प्रयास करते हैं।