सरकारी सहायता के इंतजार में कोरोना मृतक के परिजन



 गौतम कुमार की रिओपोर्ट ;-

चर्चित भोजपुरी गायक के निधन से परिवार मे छाया आर्थिक संकट
अजय पांडे की मौत के बाद टूटने लगे पुत्र पुत्री के सपने

डेहरी/रोहतास

वैश्विक महामारी कोरोना संक्रमण के कारण कई ऐसे परिवार के मुखिया का निधन हुआ है जिनके निधन के बाद उनके परिवार पर आर्थिक संकट छा गया या यूं कहें कि अब परिवार अपने जीवन यापन को लेकर सरकार की ओर नजरें टिकाए है। जहां एक ओर कोरोना संक्रमण को लेकर जारी लॉकडाउन के बीच सरकार की ओर से गरीबों को मुफ्त राशन व कहीं कहीं समुदायिक किचन बनवा कर गरीबों को भोजन करा रहे हैं वही कई ऐसे परिजन है जिनके घर के मुखिया का मौत कोरोना संक्रमण के कारण हुआ और पल भर में परिवार के सदस्यों को पेट की चिंता सताने लगी। डेहरी प्रखंड के दरिहट गांव निवासी भोजपुरी के चर्चित गायक अजय पांडे की मौत कोरोना संक्रमण के कारण इलाज के दौरान 1 माह पूर्व सदर अस्पताल सासाराम में हो गया। तब पिता की निधन के बाद पुत्र ने जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग को पिता के मौत के लापरवाही के लिए स्वास्थ्य विभाग को जिम्मेदार ठहराया था। वर्ष 2000 में अपनी गायकी से पहचान बनाने वाले अजय पांडे 20 वर्षों से शहर के सुभाष नगर गली नंबर 7 में अपना मकान बना कर आने लगे। हालांकि जमीन के नाम पर उनके पास उक्त मकान के अलावा कुछ भी नहीं है। गाय की व अन्य संस्कृतिक कार्यक्रम से मिलने वाले पैसे से वह अपने पत्नी के अलावे एक पुत्र और एक पुत्री का भरण पोषण करते थे। 13 वर्षीय पुत्री नंदिनी पांडे जहां दशम वर्ग की छात्रा है वही पुत्र 23 वर्षीय आनंद मोहन पांडे फिलहाल पढ़ाई लिखाई कर बेरोजगार है। पति के मौत के गम में डूबी पत्नी गीता देवी को भी पुत्र पुत्र के सिवा अपने भविष्य की चिंता सता रही है। कल तक पिता के बदौलत सपने संजोए पुत्र पुत्री की उम्मीदें भी टूट रही है। पुत्र आनंद मोहन पांडे का कहना है कि अब घर में आर्थिक संकट गहराया है। काम की तलाश के साथ सरकार पर उम्मीद बरकरार है। एसडीएम सुनील कुमार सिंह का कहना है कि कोरोना मृतक के परिजनों को आपदा राहत के तहत ₹400000 देने का प्रावधान है। अन्य जो भी सरकार की गाइडलाइन होगी उसके अनुसार मृतक परिजनों को सहयोग किया जाएगा।