दीपराज की रिपोर्ट ;-
डेहरी/ रोहतास
महामारी के कहर से लोगों को बचाने के लिए सरकार राज्य स्तर पर लॉकडाउन किए हुए हैं। कुछ वाहन को छोड़कर सभी निजी वाहन को आने जाने के लिए प्रतिबंधित किया गया हैं। अति आवश्यक कार्य हेतु आने जाने के लिए जिलाधिकारी व एसडीएम के माध्यम से ई पास निर्गत करने का सरकार द्वारा आदेश जारी किया गया है। जिसका फायदा कुछ नटवरलाल जैसे लोग उठाकर लोगों को ई पास निर्गत कर मोटी कमाई करते थे। इस प्रकार की खबर की जानकारी डेहरी एसडीएम सुनील कुमार को दो दिन पूर्व से मिल रही थी। खबर को पुख्ता करने, गिरोह के भंडाफोड़ व अपराधियों के गिरफ्तारी के लिए एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने योजना बनाते हुए अपने ही गाड़ी स्कार्पियो व सुमो का ई पास बनाने के लिए अपने बॉडीगार्ड व अन्य पुलिसकर्मी को सादे लिबास में भेजा। सर्वप्रथम यह सभी लोग सादे लिबास में सुभाष नगर पहुंचे जहां दीपक कुमार ने ₹500 में एसडीएम के ही स्कॉर्पियो गाड़ी का ई पास निर्गत कर दिया। जिसे प्रशासन ने वही गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार दीपक कुमार के ठीक बगल के दुकानदार विनोद कुमार भी ऐसे कार्यों में सनलिप्त था। जिसे भी प्रशासन द्वारा गिरफ्तार किया गया तथा दोनों के पास से दो लैपटॉप भी बरामद किया गया है। वहीं थाना चौक स्थित एक दुकानदार हिमांशु गुप्ता द्वारा एसडीएम की गाड़ी सुमो का ई पास 1500 बनवाने के क्रम में गिरफ्तार किया गया तथा इनके अन्य दो साथी अभिषेक कुमार व विष्णु गुप्ता को भी इस कार्य में संलिप्त पाते हुए गिरफ्तार किया गया तथा इनके पास से एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है। मजे की बात थी कि ई पास निर्गत करने वाले लोग पूर्व जिलाधिकारी पंकज दीक्षित व इंसीडेंट कमांडर डेहरी के साइन को स्कैन कर ई पास निर्गत करते थे। वहीं एसडीएम सुशील कुमार ने बताया कि ऐसे लोगों से लोग होशियार रहें क्योंकि ऐसे पास लोगों की समस्याओं को बढ़ा सकता है। ई पास हमेशा जिलाधिकारी व एसडीएम के लॉगिन से ही निर्गत होता है। साथ ही एसडीएम सुनील कुमार ने बताया कि थाना चौक स्थित हिमांशु गुप्ता के दुकान को सील कर दिया गया है तथा सुभाष नगर की दुकान को सील नहीं किया गया है। क्योंकि यह दुकान घर में था तथा घर के आने-जाने का यही मुख्य मार्ग था। जिसके कारण इसे सील नहीं किया गया है। सभी को गिरफ्तार कर सुसंगत धारा के अंतर्गत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
