इस्तेमाल किया हुआ पीपीई किट व ग्लब्स फेककर स्वास्थ्य कर्मी महामारी को दे रहे हैं न्योता


गौतम कुमार की रिपोर्ट ;- 

डेहरी/ रोहतास

बिहार के सभी जिलों में कोरोना संक्रमण बड़ी तेजी से पांव पसार रहा है। सभी जिलों में रोजाना कोरोना के नए मामले सामने आ रहे हैं। हालांकि, कोरोना संक्रमण के प्रसार से हालात बेकाबू होने के बावजूद स्वास्थ्यकर्मी लापरवाही बरतने से बाज नहीं आ रहे हैं। जिससे आम लोगों में कोरोना महामारी फैलने की संभावना बढ़ती नजर आ रही है। ताजा मामला जिला मुख्यालय सासाराम स्थित सदर अस्पताल का है। जहां स्वास्थ्यकर्मी खुले में पीपीई किट और मेडिकल वेस्ट फेंक कर कोरोना महामारी को न्योता दे रहे हैं। गौरतलब है कि डब्ल्यूएचओ ने इस्तेमाल किए गए पीपीई किट्स और ग्लब्स को बेहतर तरीके से डिस्पोज करने का दिशा निर्देश जारी किया है। केंद्र सरकार ने भी इस बाबत कई निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद सदर अस्पताल के स्वास्थ्यकर्मी पीपीई किट्स और ग्लब्स को इधर-उधर फेंक संक्रमण को फैलाने का काम कर रहे हैं।बता दें कि जिला मुख्यालय स्थित सदर अस्पताल में बनाए गए कोविड केयर सेंटर और डेडिकेटेड कोविड वार्ड में प्रतिदिन सैकड़ों लोग संक्रमित मरीजों को भर्ती कराने के लिए पहुंच रहे हैं। उन केंद्रों के आसपास काफी मात्रा में इस्तेमाल किए गए पीपीई किट्स और ग्लब्स फेंके हुए देखे जा सकते हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल वेस्ट डिस्पोज करने का दिशानिर्देश जारी किया गया है, तो वे उसका पालन क्यों नहीं किया जा रहा है?  इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉ0 सुधीर से पूछा गया तो उन्होंने अनभिज्ञता जताते हुए कहा कि वे इसके बारे में जानकारी इकट्ठा करेंगे और इस तरह का काम करने वाले स्वास्थ्यकर्मियों को हिदायत देंगे कि आगे से वे लोग इस बात का ख्याल रखें। उन्हें निर्देशित किया जाएगा कि वो इस्तेमाल किए गए पीपीई किट्स और ग्लब्स को उचित स्थान पर फेकें।