दस लाख की लागत से मकान बनने पर टैक्स लेगा श्रम विभाग


गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-

 डेहरी। रोहतास 

जिले के सौ से अधिक लोगों को श्रम विभाग ने जारी किया नोटिस 

10 लाख से अधिक राशि से मकान बनने पर एक प्रतिशत का लगेगा टैक्स

श्रम अधीक्षक ने दलालों से बचने के लिए जारी किया खुला पत्र

जिले में दस लाख रुपए से अधिक की राशि से मकान व दुकान बनाने वालों से श्रम विभाग टैक्स वसूलेगी। जिले में पहली बार इस अभियान की शुरुआत श्रम अधीक्षक ने की, तो उसके जद में सौ से अधिक लोग आ गए। विभाग द्वारा वैसे लोगों को नोटिस जारी किया गया है। इस बीच कई बिचौलिए विभाग द्वारा दिए गए नोटिस को निपटारा कराने के नाम पर अवैध उगाही में जुट गए हैं। जिसकी जानकारी मिलते ही विभाग ने आम लोगों के लिए खुला पत्र जारी किया है। 

क्या है श्रम विभाग का अधिनियम--बताया जाता है कि वर्ष 1996 में भारत सरकार ने एक्ट लागू कर कहा था, कि दस लाख रुपए से अधिक की राशि से निर्माण होने वाले मकान व दुकान पर श्रम विभाग एक प्रतिशत टैक्स लेगी। बिहार भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 तथा भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकर नियमावली 1998 के अंतर्गत सभी सरकारी एवं प्राइवेट रिहायशी भवन, अपार्टमेंट, बिजनेस कंपलेक्स इत्यादि जिनके निर्माण लागत दस लाख रुपए से अधिक है। उन्हें कुल लागत का एक प्रतिशत की दर से उपकर की राशि कटौती कर बिहार भवन एवं संनिर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड को जमा करने का प्रावधान है। हालांकि बिहार के कुल 38 जिलों में से 37 जिलों में इस अधिनियम को प्रभावी तरीके से लागू किया गया हैं। किंतु रोहतास एकमात्र जिला है, जहां इस अधिनियम के तहत अब तक एक भी कार्रवाई नहीं की गई थी। 

प्रधान सचिवने लिया था संज्ञान--श्रम विभाग के अधिकारियों की माने तो विभाग के प्रधान सचिव ने पिछले माह इस मामले में संज्ञान लेते हुए कहा था कि क्या रोहतास जिले में दस लाख रुपए से अधिक निजी सरकारी या व्यावसायिक भवन नहीं बना है? जिसके बाद नए श्रम अधीक्षक सत्यप्रकाश ने वैसे नवनिर्मित मकानों को चिन्हित किया है, जो दस लाख रुपए से अधिक की राशि से निर्मित हुए है। प्रथम चरण में विभाग द्वारा करीब 120 से अधिक लोगों को नोटिस जारी किया गया है। नोटिस के माध्यम से कहां गया है कि अति शीघ्र दस लाख रुपए से अधिक की राशि से बने भवन के लिए एक प्रतिशत की राशि जमा करें। 

बिचौलियों की सूचना से अधिकारी हैरान-- विभाग द्वारा गृह स्वामियों को नोटिस जारी करने के बाद कई लोगों ने श्रम विभाग के अधिकारियों को जानकारी दी, की कुछ बिचौलिए श्रम विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस को निपटारा करने की बात कह अवैध उगाही कर रहे हैं। इसके लिए कई लोगों से अवैध राशि की उगाही भी की जा चुकी है। 

श्रम अधीक्षक ने जारी किया खुला पत्र-- विभागीय कार्य में बिचौलियागिरी के हावी होने की जानकारी मिलने के बाद श्रम अधीक्षक ने आम लोगों के लिए खुला पत्र जारी किया है। जिसमें कहा है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गैरकानूनी रूप से विभाग द्वारा जारी किए गए नोटिस के निपटारा हेतू राशि की मांग की जा रही है। जो अत्यंत खेद जनक है। ऐसे में बिचौलियों के बारे में सीधी जानकारी श्रम अधीक्षक कार्यालय को दें। ताकि कानूनी कार्रवाई की जा सके। श्रम अधीक्षक का कहना है कि पहली बार रोहतास जिले में राज्य सरकार के 2009 एक्ट को प्रभावी तरीके से लागू किया गया है। अवैध उगाही करने वाले बिचौलियों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।