कमलेश कुमार की रिपोर्ट ;-
डेहरी/ रोहतास
उपभोक्ताओं तक घर घर विद्युत पहुंचाने की बात करने वाला विद्युत विभाग गलत विद्युत बिल को लेकर हमेशा से विवाद में रहा है। यही कारण है कि उपभोक्ता विद्युत विभाग के रवैया से लगातार प्रताड़ित हो रहे हैं। एक बार फिर एक ताजा मामला ने विद्युत विभाग पर सवाल खड़ा किया है। बताया जाता है कि पाली रोड निवासी गौतम कुमार उपभोक्ता नंबर 100440541 मोबाइल अपने मोबाइल रिपेयर दुकान में वर्षों से कनेक्शन लेकर विद्युत का उपयोग कर रहे थे। आरोप है कि वर्ष 2017 में विद्युत विभाग ने पचास हजार रुपया बकाया का आरोप लगा उपभोक्ता का विद्युत विच्छेद कर दिया था। तब उपभोक्ता ने विभागीय अधिकारियों के कहने पर 25 हजार रुपए जमा कर प्रतिमाह पांच हजार रुपया बतौर बिल जमा करना शुरू किया। उपभोक्ता का आरोप है कि विभाग द्वारा कई बिजली बिल को नहीं चढ़ाया गया। और 25 जनवरी 2021 को विद्युत विभाग के अधिकारियों ने एक बार पुनः उनका विद्युत विच्छेद कर दिया और थाने में उपभोक्ता पर प्राथमिकी भी दर्ज करा दी। तत्पश्चात उपभोक्ता गौतम कुमार ने इसकी शिकायत कार्यपालक अभियंता से की, और मामले की जांच करने को कहा। जांच के बाद लॉकडाउन के समय तक महज 7 हजार 74 रुपया विद्युत बिल बकाया बताया गया। जबकि दर्ज प्राथमिकी में विद्युत विभाग द्वारा विद्युत बिल 72,528 रुपए का दावा किया गया। उपभोक्ता का कहना है कि तत्पश्चात उन्होंने बतौर दस्तावेज के साथ विभाग में 7 हजार 74 रुपए की राशि जमा किया। किंतु जमा की गई राशि व रशीद दिखाने के बाद भी विभागीय अधिकारी पैसा जमा नहीं होने की बात कह उपभोक्ता को प्रताड़ित कर रहे हैं। उपभोक्ता ने इसकी लिखित शिकायत महाप्रबंधक से की है, तथा उपभोक्ता फॉर्म में मामला दर्ज करने की बात कही है। इस मामले में विभागीय एसडीओ दीपक कुमार का कहना है, कि जांच के दौरान स्थल पर पूर्ण जानकारी नहीं होने के कारण संभावना के आधार पर राशि अंकित कर प्राथमिकी दर्ज की जाती है। दर्ज प्राथमिकी के बाद हाथों-हाथ जमा कराई गई राशि को दर्ज प्राथमिकी के राशि में नहीं जोड़ा जा सकता है।
