कमलेश मिश्रा की रिपोर्ट ;-
डेहरी डालमियानगर डेहरी अनुमंडल क्षेत्र के किराना दुकान तथा सब्जी मंडियों में फल विक्रेता पत्थर का बटखारा बनाकर धड़ल्ले से प्रयोग कर रहे हैं जिसे आप लोग सब्जी लेने वाले फल लेने वाले मीट मुर्गा किराना दुकान मैं 500 ग्राम के जगह 450 ग्राम ग्राहकों को दिया जाता है कभी कभार दुकानदार एवं ग्राहकों में तू तू मैं मैं होते होते मारपीट की नौबत तक पहुंच जाता है माप तौल विभाग का अस्तित्व धीरे-धीरे खत्म होते जा रहा है विभाग का स्थिति का अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि वर्षों से मंडियों में बांट तराजू की जांच नहीं हुई जिससे एक और जहां दुकानदारों की चांदी कट रही है वहीं ग्राहकों की जेब भी काटी जा रही है सब्जी एवं फल बेचने वाले अधिकांश दुकानदार पत्थर के बट खरे का का प्रयोग करते हैं खरीदारी को पहुंचे ग्राहकों के हाव भाव देख वे बखरी का चयन करते हैं हालांकि विभागीय अधिकारियों का दावा है कि वे समय-समय पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों व प्रखंडों में कैंप लगाकर कांटा बाट का सत्यापन करते हैं गड़बड़ी पाए जाने पर करवाई भी होती है मगर वास्तव में यह धरातल पर कहीं नहीं दिखती माप तौल विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को पूरे वजन वाले एलपीजी सिलेंडर देने के लिए एजेंसियों को डिलीवरी के समय ही ग्राहकों के सामने माप तौल का निर्देश है इस पर कभी अमल नहीं होता है न तो माप तौल विभाग के अधिकारी कभी औचक निरीक्षण करते हैं न नाही ही उपभोक्ता माप तोल जांचने की जहमत उठाते हैं, ईट पत्थर के बटखरे करते हैं इस्तेमाल शहर के अधिकतर सब्जी विक्रेता बाट की जगह ईट, पत्थर का इस्तेमाल करते हैं एतराज जताने पर दुकानदार दो टूक वे कहते हैं जहां सही कॉल मिले वही जाकर सब्जी ले माप तोल के गड़बड़ी पर सजा का प्रावधान है लेकिन सबसे बड़ी विडंबना का है कि लोग घटौती की शिकायत करते हैं पर कार्रवाई नहीं होती है इस कारण लोगों ने धीरे-धीरे शिकायत करना ही छोड़ दिया सबसे ज्यादा परेशानी सब्जी वालों को लेकर होती है कभी सही वजन नहीं देते हैं मीट मछली विक्रेताओं के यहां भी गड़बड़झाला है एक तो महंगाई है ऊपर से वजन कमी से काफी नुकसान होता है। उपभोक्ता जाने अपना अधिकार मिठाई के साथ डिब्बे का वजन नहीं तौला जाना चाहिए, माप तौल विभाग का काम है की वह इस्तेमाल किए जा रहे हैं उपकरणों की नियमित रूप से जांच करें जो दुकानदार कम वजन दे रहा है उसके खिलाफ मामला दर्ज कर करवाई होनी चाहिए उपभोक्ताओं को सही वजन व मात्रा मिले यह जिम्मेदारी माप तौल विभाग की है कम वजन करने गया नापने वाले दुकानदार को जुर्माना के साथ साथ सजा का प्रवधान हैं, किसी भी चीज के अधिकतम मूल्य छपे हुए पर अगर दुकानदार स्टीकर लगाता है तो गैर कानूनी है लोहे के बाट के लिए 2 साल में और इलेक्ट्रॉनिक मशीन के लिए हर साल लाइसेंस का नवीनिकरण कराना जरूरी है,
