गौतम कुमार की रिपोर्ट ;-
बच्चे ही समाज का भविष्य हैं, ये तो हम सभी समझते हैं। परंतु इस भविष्य की निधि को सही दिशा देने के लिए उचित शिक्षा और संस्कार अत्यंत अनिवार्य हैं। हम सब आज जो भी हैं, समाज के ही आधार से हैं। इसलिए अपनी क्षमता का एक हिस्सा समाज के निर्माण में वापस देना हममें से हर नागरिक का कर्तव्य है। और बच्चों के विकास में महिलाओं से बेहतर भूमिका भला कौन निभा सकता है? हमारी भावी पीढ़ी के निर्माण से ही देश का और एक बेहतर विश्व का निर्माण संभव है।ये विचार अक्षर फाउंडेशन की स्वयंसेविकाओ और विहंगम योग संस्थान की महिला कार्यकर्ताओं द्वारा व्यक्त किये गए, जो कि अक्षर फाउंडेशन की ओर से स्कूल में लगभग सौ बच्चों के बीच पाठ्य सामग्री एवं अन्य उपहार के वितरण कार्य का संचालन कर रही थीं।
अक्षर फाउंडेशन, सद्गुरु सदाफलदेव विहंगम योग संस्थान की मातृ-शक्ति द्वारा संचालित सेवा संगठन है जो कि बाल कल्याण की दिशा में कार्यरत है। 25 फरवरी को ही देश के लगभग 100 स्थानों पर हजारों बच्चों को पाठ्य सामग्री वितरित की गई। विहंगम योग संस्थान द्वारा देश के विभिन्न स्थानों पर निःशुल्क आवासीय विद्यालय भी संचालित हैं जो कि हर वर्ष अनेकानेक जरूरतमंद बच्चों को संस्कार और शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। ये बच्चे आगे चलकर समाज के अग्रणी जनों के रूप में एक बेहतर भारत की नींव रख रहे हैं।
इस पाठ्य सामग्री वितरण कार्यक्रम के बाद स्कूल के आयोजन के लिए अक्षर फाउंडेशन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बतलाया कि हमारे यहां ज्यादातर बच्चे समाज के अतिपिछड़े तबके से आते हैं। इस प्रकार के कार्यक्रम न सिर्फ उनके लिए बहुत मददगार हैं, बल्कि इससे बच्चों का मनोबल भी बढ़ता है और उनके अंदर समाज के प्रति आदर की भावना का विकास होता है। कार्यक्रम के आयोजन में आदि का विशेष सहयोग रहा।
डेहरी के कटार आश्रम से जुड़े मातृशक्ति नीलम सिंह उपदेश स्टार प्रचारक सोनी सिंह युवा कार्यकर्ता मीना देवी मीना कौशल शोभा देवी महिला प्रभारी द्वारा भी असहाय लाचार बच्चों को वस्त्र एवं पाठ्य सामग्री का वितरण किया गया
