कमलेश मिश्रा की रिपोर्ट ;-
डेहरी पड़ाव मैदान अतिक्रमणकारियों से मुक्त किया जा रहा है, लेकिन गरीबों का रहनुमा का पता नहीं, डालमियानगर दानापुर छावनी भूमि से रक्षा मंत्रालय के आदेशानुसार अतिक्रमण मुक्त अभियान करीब 5 दिनों से चलाया जा रहा है लेकिन गरीबों का सुधि लेने वाला नेता शहर से गए कब गरीबों का सुधीर लेंगे नेताजी कड़ाके की ठंड के मौसम में से निकल रहे हैं लेकिन कहां रहेंगे किसी राजनेताओं का इस विषय का चिंता नहीं है कैसे उनके जीवन में उछाला गया है चुनाव के दौरान में नेता से लेकर विधायक गरीबों के दरवाजे पर जा जाकर भी फैला कर भीख मांगते हैं कि आपको रहने के लिए सरकार द्वारा भूमि उपलब्ध कराई जाएगी लेकिन विधायक बनने के बावजूद भी कौन किसकी हालचाल पूछता है यह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है, जनता की जवाबदेही जनप्रतिनिधियो पर निर्भर करता है, गरीब गुरवे फुटपाथी दुकानदार लगाकर किसी तरह से अपने परिजनों को जीवन यापन करते हैं लेकिन जब चुनाव आता है तो जनप्रतिनिधि गरीबों के बीच पहुंचते हैं चुनाव जीतने के बाद किसी का हाल-चाल पूछना मुनासिब नहीं समझते हैं,