मयंक कुमार की रिपोर्ट;-
मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के मदनपुर प्रखंड पंचायत बनिया के अंतर्गत हाजीपुर में नल का जल के लिए गलियों में पाईप बिछाने के लिए खोदाई कर छोड दिया गया है जिससे ग्रामीणों आने जाने में परेशानी का सबब बना हुआ है।शुद्धजल की व्यवस्था के लिए वाटर शेड बन चुका हैं। जिस पर 1000 लीटर सिंटेक्स भी लगाए जा चुके हैं। लेकिन इस दौरान चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वित नहीं की जा रही हैं। जबकि ग्रामिणों को शुद्ध पेय जल की उपलब्धता अति आवश्यक हैं। गांव कुछ ऐसे ग्रामीण हैं जिनके घरों में चपाकल कल नहीं हैं किसी तरह वे जहाँ तहाँ से जल आपूर्ति करते हैं।
गाँव में जगह-जगह गढ़ा खोदने से पानी न निकलने की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई हैं।
ठेकेदार के द्वारा संचालन एवं रख-रखाव में भारी अनियमितता बर्ती जा रही हैं। जिससे त्रस्त होकर ग्रामीणों ने वाटर शेड मे ताला जड़कर कुव्यवस्था के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।
ग्रामीण रामसूचित यादव, राजेश्वर यादव, विक्रम कुमार, जगदीश यादव, राजेश विश्वकर्मा,दर्शन यादव, नितेश कुमार ने कहा हैं कि ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति के लिए नल जल योजना का काम करीब-करीब पूरा करा लिया गया हैं।लेकिन पिछले डेढ़ साल से कार्य निर्माणाधीन हैं और ठेकेदार संवेदकद्वारा काफी अनियमितता बरती जा रही हैं। शिकायत करने पर घमकी भरे लहजों में कहता हैं यदि हम इस काम को छोड़ देंगे तो कोई पूरा नहीं करेगा?
जगह-जगह गढ़े खोद कर काफी दिनों से छोड़ गए हैं।
बढ़ी टोला से होकर गांव में जाने वाली रास्ता अत्यधिक गढ़ा होने कारण भयावह हो गई हैं।
पानी जमा हो गए हैं। खोदे गए गढ़े में पाइप बिछाया जाना बाकी हैं।
ग्रामिणों ने बताया कि लालदेव यादव और सुरेन्द्र यादव के मकान से सटे जो रास्ता तरवा आहार तक जाता वह बड़ी परेशानी परेशानी का विषय बना हुआ हैं।
इसके अलावा भी अन्य रास्तों में आवागमन को लेकर काफी परेशानियां हो रही हैं। कार्य को अबतक पूरा हो जाना चाहिए था लेकिन बदले में निर्माण कार्य पूरा करने के बजाय ठेकेदार द्वारा लीपापोती की जा रही हैं। इसकी शिकायत लोक शिकायत निवारण में अपील करने का मन बना चुके हैं और जबतक विभाग या व्यवहार न्यायालय द्वारा इस नल-जल निर्माणाधीन कार्य को लेकर यथोचित निष्कर्ष नहीं निकालती तबतक वाटर शेड में ताला बंद अब मनमानी नहीं करने देगें। इस तरह अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हाजीपुर ग्रामिणों ने बताया कि सरकार की उदासीनता और पंचायत जन प्रतिनिधियों की मनमानी के कारण यहाँ नली-गली की स्थिति काफी दयनीय हो गई हैं। खासतौर पर इन दिनों मुख्यमंत्री पेयजल निश्चय योजना के तहत चलाए जा रहे योजना के तहत जगह-जगह गढ़े खोदे गए हैं जिसमे पानी और गंदगी जमा होने से ग्रामिणों को आते-जाते परेशानी के साथ जल जनित कई बिमारीयाँ पैदा होने का खतरा बना हुआ है।
वार्ड सदस्य और अधिकारियों की मनमानी से त्रस्त हैं। जबकि बिहार सरकार सात निश्चय को लेकर बड़ी-बड़ी दावे करती रही हैं जबकि जमीनी हकिकत यह हैं कि जहाँ कार्य निर्माणाधीन हैं। अनियमितता की भेट चढ़ गई हैं।
