बालू लदी वाहन की आतंक से स्थानीय लोंगो का जीना हुआ मुश्किल


 

मयंक कुमार 

बारूण(औरंगाबाद):- बारूण बनाम बालूअरी अर्थात  बारूण में बालू की हो रही छूट कर लूट एवं बालू लदी ट्रेक्टर की आतंक से स्थानीय लोंगो का जीना मुश्किल हो गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के आदेश पर राज्य सरकार द्वारा जुलाई से सितम्बर तक सोन से बालू निकासी पर रोक के बावजूद अवैध बालू खनन रूकने का नाम नहीं ले रहा है। अवैध बालू लदे हजारों ट्रक और ट्रैक्टर सड़कों पर बेखौफ सरपट दौड़ रहे हैं। सोननदी पुल पर भी जाम की समस्या बनी रहती है। बारूण से दाऊदनगर जाने वाली सड़क का हालत जर्जर और सोननगर रेलवे अंडर ब्रिज में पार पाना बिल्कुल समस्या हो चुका है। सोन से बालू निकासी व इस तरह के बालू लदे ट्रैक्टरों पर नकेल कसने के प्रशासनिक दावे खोखले साबित हो रहे हैं। बालू माफिया रात तो रात दिन के उजाले में भी लगातार सोन नदी का सीना छली कर बालू निकाल कर सरकार के राजस्व को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बारूण के एनीकट,देवी घाट,कोचाड़़, इंग्लिश, जानपुर बालू घाट आदी कई जगहो से सोननदी से उत्खनन किये जा रहे है। सोननदी से उत्खनन कर ट्रैक्टर के द्वारा इंग्लिश घाट से धनौती पुल नहर वाली सड़क से खैरा गांव के समिप भारी मात्रा में डम्प कर ट्रक पर अवैध बालू लोड कर कालाबाजारी हो रहा है। इधर इंग्लिश गठौली से बारूण केशव मोड़ तक का सड़क ट्रेक्टर से जाम रहता है और सड़क तो कीचड़ में तब्दील हो गया सो अलग। बारूण में रह रहे आम पब्लिक का जीवन नारकीय हो गया। मोटरसाइकिल व साईकिल से कई बार लोग गीर  कर घायल भी हो चुके हैं। पैदल चलना और भी मुश्किल। अवैध बालू की तेज रफ्तार में ढुलाई से हमेशा जान का खतरे बना रहता है। स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि खनन माफिया और पुलिस के गठजोड़ से बालू भरे ट्रैक्टरों की धमाचौकड़ी से स्थानीय लोग परेशान रहते हैं। तेजी से बालू डंप करने की आपाधापी में ये बालू वाले वाहन आए दिन लोगों की जान भी ले रहे हैं। अवैध बालू खनन पर शिकंजा कसने में प्रशासन पूरी तरह से फेल नजर आ रही है। जबकि बरसात के दिनों जलीय जीव की सुरक्षा को ले ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार बिहार सरकार ने तीन माह के लिए सभी बालू खनन घाटों से निकासी करने पर रोक लगा दी है। लोगों का कहना कि खनन विभाग एवं पुलिस की मिलीभगत से अवैध खनन चल रहा है। इधर जिला खनन पदाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि अवैध खनन को रोकथाम को लेकर लगातार छापामारी अभियान चली है और भारी मात्रा में वाहन भी जप्त हुए है। हालांकि बारूण के स्थानीय लोगों के द्वारा शिकायत मिली है। मामले को लेकर छापामारी कर कानूनी कारवाई किया जाएगा।