गौतम कुमार
डेहरी,रोहतास ।
आज नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडियन रेलवेमेंस की 232 कार्यकारिणी समिति की बैठक को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सम्बोधित करते हुए ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस के केन्द्रीय उपाध्यक्ष एस पंजियार ने केन्द्र सरकार पर जमकर प्रहार करते हुए कहा कि केन्द्र सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ रेलकर्मियों को बड़े आंदोलन के लिए तैयार रहने की आवश्यकता है। क्योंकि केंद्र की नीयत श्रमिकों के खिलाफ है। वह पिछले दरवाजे से भारतीय रेल का निजीकरण करने पर आमादा है। सरकार ने 50% पदों को सरेंडर करने का निर्णय लिया है। 109 रूटों पर पैसेंजर ट्रेनों का संचालन के लिए प्राइवेट ऑपरेटरों को आमंत्रित कर रही है
इससे वर्तमान में कार्यरत रेलवे कर्मचारियों पर तथा यात्रियों पर भी प्रभाव पड़ेगा।इसलिए भारतीय रेल को बचाने के लिए बड़े आंदोलन की जरूरत है। वहीं ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस एवं एन एफआईआर के जोनल महासचिव प्रेम शंकर चतुर्वेदी ने कहा कि भारत सरकार एवं रेलवे बोर्ड के निर्णयों के खिलाफ पुरे देश में आंदोलन चलाया जाएगा। यदि भारत सरकार के द्वारा नीजिकरण और निगमिकरण की नीति को वापस नहीं लिया जाता है तो वैसी स्थिति में ईस्ट सेंट्रल रेलवे मेंस कांग्रेस आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी। इस वर्चुअल मीटिंग में एनएफआईआर के राष्ट्रीय महासचिव डॉ एम रघुवैया, अध्यक्ष गुमान सिंह, ईसीआरएमसी के मिथिलेश सिंह, नवीन कुमार राय, बी एम पांडेय, पी एस चतुर्वेदी, बीपी सिंह, नरदेश्वर यादव, निर्मला रानी ने भी अपनी - अपनी बातें रखी। जिसमें डेहरी शाखा, गया शाखा, डीडीयू शाखा सहित देश भर से बड़े पैमाने यूनियन से जुड़े रेलकर्मियों हिस्सा लिया।
