गौतम शर्मा
डेहरी/रोहतास
रेलवे कॉलोनी व पाली के लोगों ने अधिकारियों से किया शिकायत।
अवैध बालू कारोबारियों व पुलिस के साठ गांठ का लगाया आरोप।
वैसे तो फिलहाल जिले के सभी वैध बालू घाट बंद है। किंतु अवैध बालू घाट का संचालन विभिन्न थाना क्षेत्रों में धड़ल्ले से जारी है। किंतु इन सबके बीच रेल प्रशासन व आम लोगों के लिए चिंता का विषय यह है कि रेल परिसर के रास्ते रेल पुल के समीप से प्रतिदिन रात के अंधेरे में अवैध तरीके से बालू उत्खनन कर ट्रैक्टर के माध्यम से धुलाई जारी है। जानकारी मिलने के बावजूद रेल पुलिस प्रशासन की चुप्पी से जहां अवैध बालू कारोबारियों व रेलवे की मिलीभगत का आरोप लगा। लोगों ने दिल के वरीय पदाधिकारी को पत्र व ईमेल भेजकर शिकायत की है। वहीं स्थानीय स्तर पर एसडीएम व एएसपी से भी लोगों ने इसकी शिकायत की है। बताया जाता है कि रेल पुल के 200 मीटर के परिधि से बालू उत्खनन पर प्रतिबंध है। साथ ही रेलवे का भी मानना है कि रेल पुल के समीप से बालू उत्खनन करने पर रेल पुल को खतरा होगा। जिससे एक बड़ा हादसा
हो सकता है और रेलवे का एक दूसरे राज्य से संपर्क भी भंग हो सकता है। किंतु इन सबसे बेखबर रेल पुलिस प्रशासन ने इस पर चुप्पी साध ली है। सूत्रों की माने तो पाली निवासी एक संगठित अवैध बालू कारोबारियों द्वारा पाली काली मंदिर के रास्ते से रात 10 बजे से सुबह 5 बजे तक रेल पुल के आसपास के क्षेत्रों से अवैध बालू खनन किया जा रहा है। अवैध बालू लदे ट्रैक्टर रेल कॉलोनी, न्यू मकराइन व अन्य मोहल्लों से होकर गुजरता है। इससे रात में मोहल्ले वालों को सोना भी दूभर हो गया है। मोहल्लेवासी संजय कुमार, सुनील कुमार, राजू कुमार, अंजू देवी, आरती देवी आदि में अधिकारियों को भेजे पत्र में कहा है कि बिहार से बंगाल और बंगाल से दिल्ली को जोड़ने वाले रेल पुल बालू माफियाओं के कारण खतरे का संकेत देने लगा है। स्थानीय रेल पुलिस प्रशासन की संलिप्तता के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। रात भर ट्रैक्टरों की तेज आवाज हेलो व मानसिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं। वही न्यू मकराइन के लोगों ने एसडीएम व एएसपी से अवैध बालू उत्खनन व अवैध बालू लदे वाहनों के परिचालन पर रोक लगाने तथा अवैध बालू कारोबार में शामिल लोगों को चिन्हित कर कार्रवाई की मांग की है। आरपीएफ इंस्पेक्टर शाहिद अली खान ने बताया कि अब तक इस मामले में उन्हें कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। रेल परिसर क्षेत्र से अवैध बालू लदे वाहनों के परिचालन पर कार्रवाई की जाएगी।
