डेहरी से गौतम शर्मा की रिपोर्ट;-
विगत 1990 के दशक से लेकर अब तक लगभग 30 वर्षों में हृदय रोग ने पूरे दुनिया को व्यापक रूप से अपने प्रभाव में जकड़ा है। ना केवल विकसित देशों में बल्कि विकासशील देशों में भी रहन सहन और खान पान बदलने से तथा खासकर औद्योगिक विकास की गति पकड़ने के कारण हृदय रोग की संभावनाएं बढ़ी हैं तथा मध्यम वर्ग के लोग भी इसकी चपेट में बहुत तेजी से आते जा रहे हैं। आज विश्व हृदय दिवस के अवसर पर रोहतास जिले के नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ,जमुहार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर धनंजय कुमार ने उपरोक्त बातें कहीं। डॉ कुमार ने कहा की रहन सहन के पुराने तरीकों में आए बदलाव के कारण हम लोग शारीरिक श्रम काफी कम कर रहे हैं साथ ही भोजन की मात्रा में संतुलन बनाए रखने में सफल नहीं हो रहे हैं, जिसके कारण शरीर में उत्पन्न विकार से हृदय रोग बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि अगर खानपान में वसा का प्रयोग कम हो और आवश्यकतानुसार कैलोरी ग्रहण किया जाए साथ ही सुगमता पूर्वक होने वाले शारीरिक श्रम अथवा व्यायाम नियमित रूप से होते रहे तो हृदय रोग को काफी कम किया जा सकता है। हृदय रोग दिवस कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थान के सचिव गोविंद नारायण सिंह ने चिकित्सकों द्वारा सुझाए गए उपायों को काफी महत्वपूर्ण बताया एवं कहा कि यदि हम अपने जीवन शैली को अनुशासित रखें एवं स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहें तो हृदय रोग से बचने में कामयाबी मिल सकती है ।उन्होंने कहा कि नारायण चिकित्सा महाविद्यालय में स्थित हृदय रोग विभाग अत्याधुनिक तकनीक से परिपूर्ण एवं सक्षम चिकित्सकों से युक्त सेवा प्रदान कर रहा है। जिसके कारण 24 घंटे आपातकालीन सेवा के माध्यम से भी विभाग में प्रभावित लोगों को सेवा दे पा रहा है। विश्व हृदय दिवस के अवसर पर हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर गिरीश नारायण मिश्रा ने उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हृदयरोग अब एक आम बीमारी हो गई है और काफी तेजी से इसका प्रसार हो रहा है। अगर हम इसको लेकर चिंता नहीं करते हैं, अगर हम अपने हृदय की सुरक्षा एवं स्थायित्व के प्रति जागरूक नहीं होते हैं तो यह हमारे लिए खतरा बन सकता है ।इसलिए अपने जीवन शैली को अनुशासित एवं संतुलित रखें तथा अपने रोजमर्रा के समय में कुछ समय निकालकर शारीरिक श्रम के नाते योग व्यायाम आदि अवश्य करें और तनाव से बचें। कार्यक्रम को नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल ,जमुहार के प्राचार्य डॉ विनोद कुमार ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर नारायण इंस्टीट्यूट ऑफ पैरामेडिकल साइंसेज के प्राचार्य डॉक्टर वाई एम सिंह ,स्त्री रोग विभाग की अध्यक्ष डॉ रीता सिन्हा, डॉक्टर प्रोफेसर कॉल, रेडियोलॉजी विभाग के डॉक्टर शमीम, चर्म रोग विभाग के डॉ धर्मेंद्र कुमार,नाक कान गला रोग विभाग के डॉ चंद्रकुमार दिवाकर, महाप्रबंधक अस्पताल संचालन उपेंद्र कुमार सिंह, अजय कुमार सिंह ,प्रवीण कुमार ,रवि रंजन गुप्ता ,पुष्कर रंजन समेत भारी संख्या में चिकित्सक गन स्नातकोत्तर चिकित्सा छात्र गण एवं स्नातक इंटर उपस्थित थे।
