गौतम कुमार
डेहरी/रोहतास
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल जमुहार, रोहतास को कोविड-19 वायरस परीक्षण की अनुमति प्रदान कर दी गई है स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ अशोक कुमार ने इस संबंध में विभागीय आदेश पत्र जारी कर दिया है। संस्थान के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने आज बताया कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 वायरस के परीक्षण हेतु नारायण चिकित्सा महाविद्यालय को अनुमति प्रदान की है । हालांकि यहां पूर्व से ही एनएबीएल एवं आईसीएमआर के द्वारा प्राधिकृत लैब का संचालन किया जा रहा है। सरकार द्वारा जारी पत्र में उक्त जांच के लिए अधिकतम पच्चिस सौ रुपए की राशि निर्धारित की गई है और कहा है कि जांच में कोविड-19 पॉजिटिव केस आने पर तत्काल संबंधित जिला के सिविल सर्जन तथा जिला के सर्विलांस अधिकारी को सूचित किया जाना अनिवार्य होगा। प्रबंध निदेशक ने बताया कि नारायण चिकित्सा महाविद्यालय में बिहार सरकार के आदेश के पूर्व एनएबीएल एवं आईसीएमआर द्वारा माइक्रोबायोलॉजी लैब को जांच हेतु अधिकृत किया जा चुका था। उन्होंने बताया कि परीक्षण के पश्चात भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पोर्टल पर प्रतिदिन शाम पांच बजे तक रिपोर्ट दर्ज कराया जाएगा। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया की आरटी पीसीआर से से जांच की व्यवस्था आसपास के किसी भी संस्थान में नहीं है ।यहां इस जांच की व्यवस्था होने और सरकार द्वारा इसकी अनुमति प्रदान किए जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी सहूलियत होगी और इसके लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
डेहरी/रोहतास
बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल जमुहार, रोहतास को कोविड-19 वायरस परीक्षण की अनुमति प्रदान कर दी गई है स्वास्थ्य विभाग के निदेशक प्रमुख डॉ अशोक कुमार ने इस संबंध में विभागीय आदेश पत्र जारी कर दिया है। संस्थान के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने आज बताया कि बिहार सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने कोविड-19 वायरस के परीक्षण हेतु नारायण चिकित्सा महाविद्यालय को अनुमति प्रदान की है । हालांकि यहां पूर्व से ही एनएबीएल एवं आईसीएमआर के द्वारा प्राधिकृत लैब का संचालन किया जा रहा है। सरकार द्वारा जारी पत्र में उक्त जांच के लिए अधिकतम पच्चिस सौ रुपए की राशि निर्धारित की गई है और कहा है कि जांच में कोविड-19 पॉजिटिव केस आने पर तत्काल संबंधित जिला के सिविल सर्जन तथा जिला के सर्विलांस अधिकारी को सूचित किया जाना अनिवार्य होगा। प्रबंध निदेशक ने बताया कि नारायण चिकित्सा महाविद्यालय में बिहार सरकार के आदेश के पूर्व एनएबीएल एवं आईसीएमआर द्वारा माइक्रोबायोलॉजी लैब को जांच हेतु अधिकृत किया जा चुका था। उन्होंने बताया कि परीक्षण के पश्चात भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के पोर्टल पर प्रतिदिन शाम पांच बजे तक रिपोर्ट दर्ज कराया जाएगा। प्रबंध निदेशक श्री सिंह ने बताया की आरटी पीसीआर से से जांच की व्यवस्था आसपास के किसी भी संस्थान में नहीं है ।यहां इस जांच की व्यवस्था होने और सरकार द्वारा इसकी अनुमति प्रदान किए जाने से क्षेत्र के लोगों को काफी सहूलियत होगी और इसके लिए बड़े शहरों में जाने की जरूरत नहीं होगी।
