श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ लामबंद

गौतम कुमार
डेहरी/रोहतास
डेहरी डालमियानगर ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के त्रिबार्षिक अधिवेशन में पहुंचे ईस्ट सेन्ट्रल रेलवे कर्मचारी यूनियन के केन्द्रीय उपाध्यक्ष डी पी यादव ने केन्द्र सरकार के श्रमिक विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर प्रहार करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की वर्तमान नीतियां देशभर के श्रमिकों के खिलाफ है। यह सरकार मालिकों के हक में श्रम कानूनों में बदलाव कर श्रमिकों का शोषण करना चाहती है, जिस किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सरकार के इस तुगलकी फरमान के खिलाफ देश भर के श्रमिक संगठनों को एक मंच पर आना होगा। वरना नीजिकरण और निगमिकरण के रास्ते श्रमिकों के अधिकारों को सरकार कुचलने पर आमादा है। सरकार के इस फन को कुचलना जरूरी है।
उन्होंने सरकार के खिलाफ हुंकार भरते हुए कहा कि कर्मचारियों के मामले में देश में सेना के बाद रेलकर्मियों दुसरे स्थान पर आते हैं। कोरोना जैसे महामारी में रेलकर्मियों ने अपनी जान की परवाह किए बगैर प्रधानमंत्री राहत कोष में 151 करोड़ रुपये देते हुए विषम परिस्थितियों में भी देश के कोने-कोने में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति के लिए गुड्स ट्रेनों के संचालन में दिन रात अपनी देते रहे। लेकिन केन्द्र सरकार ने केन्द्रीय कर्मचारियों की मंहगाई भत्ता फ्रिज कर श्रमिक विरोधी होने का परिचय दिया। लेकिन यूनियन इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। सरकार को हर हाल में मंहगाई भत्ता देना होगा वरना अन लॉकडाउन के आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
इस अवसर पर केंद्रिय संगठन सचिव मिथिलेश सिंह, डीडीयू शाखा सचिव श्री राम सिंह, राकेश कुमार युवा सचिव, सुनील कुमार सेन्ट्रल कांसिल मेम्बर, विजय कुमार गया सचिव, ए के सिंहा गया अध्यक्ष, अमरेश कुमार, जीमदार प्रसाद, रवि रंजन, अमरेन्द्र कुमार, प्रमोद कुमार यादव सहित कई यूनियन नेता उपस्थित थे। विदित हो कि डेहरी शाखा के विभिन्न पदों के लिए 15 मार्च तक नामांकन दाखिल , 16 मार्च को नामांकन जांच तथा  18 मार्च तक नामांकन वापसी की तिथि निर्धारित की गई थी। चुनाव प्रक्रिया होने के बाद 23 मार्च को त्रिबार्षिक अधिवेशन होने वाले थे जहां सभी निर्वाचित सदस्यों की घोषणा होनी थी। लेकिन देश में लॉकडाउन के लागू होते ही अधिवेशन को स्थगित कर दिया गया था। जो आज सम्पन्न हुई।