अशोक कुमार सिंह , दरिहट
योगासन स्वास्थ्य जीवन का मूल मंत्र है. योगासन से शरीर के अंदर की पार्ट्रस तंदरुस्त व सक्रिय हो जाते है. जिससे तन व मन दोनों स्वस्थ्य रहता है. उक्त बाते योग गुरु डॉ सुदर्शन शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को बेरकप काली मन्दिर योगासन कराते हुए कही. उन्होंने कहा कि मानव शरीर ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नियमित योगासन करना जरूरी है. योग क्रिया अलग अलग अंगो को प्रभावित करती है. योग से कई प्रकार की बीमारियों को दूर किया जा सकता है. उन्होंने अलग अलग योगो के बारे में समझाते हुए बताया कि प्रण्यायम करने से श्वास सम्बन्धी बीमारी दूर होती है. बाह्य प्रण्यायम से धातु सम्बन्धित रोग ठीक होता है. अग्निसार से असाध्य बीमारियों को दूर किया जा सकता है. वहीं भ्रामरी मस्तिष्क क्रियाओं को सुदृढ करता है. उन्होंने मंडूकासन, कपालभाति, उदगीत आदि योग व अर्ध्य भुजंग आसन, पूर्ण भुजंग आसन, गोमुख आसन सूर्य नमस्कार आदि आसनों के बारे समझाया. योगासन में गया मुनि साव, सर्यनाथ सिंह, कमलेश सिंह, रामबिलास सिंह, विजय सिंह, सुमित्रा देवी, जानकी देवी, शिव देवी, शांति देवी, शशिलता देवी आदि शामिल थी.
योगासन स्वास्थ्य जीवन का मूल मंत्र है. योगासन से शरीर के अंदर की पार्ट्रस तंदरुस्त व सक्रिय हो जाते है. जिससे तन व मन दोनों स्वस्थ्य रहता है. उक्त बाते योग गुरु डॉ सुदर्शन शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर रविवार को बेरकप काली मन्दिर योगासन कराते हुए कही. उन्होंने कहा कि मानव शरीर ऊर्जावान बनाए रखने के लिए नियमित योगासन करना जरूरी है. योग क्रिया अलग अलग अंगो को प्रभावित करती है. योग से कई प्रकार की बीमारियों को दूर किया जा सकता है. उन्होंने अलग अलग योगो के बारे में समझाते हुए बताया कि प्रण्यायम करने से श्वास सम्बन्धी बीमारी दूर होती है. बाह्य प्रण्यायम से धातु सम्बन्धित रोग ठीक होता है. अग्निसार से असाध्य बीमारियों को दूर किया जा सकता है. वहीं भ्रामरी मस्तिष्क क्रियाओं को सुदृढ करता है. उन्होंने मंडूकासन, कपालभाति, उदगीत आदि योग व अर्ध्य भुजंग आसन, पूर्ण भुजंग आसन, गोमुख आसन सूर्य नमस्कार आदि आसनों के बारे समझाया. योगासन में गया मुनि साव, सर्यनाथ सिंह, कमलेश सिंह, रामबिलास सिंह, विजय सिंह, सुमित्रा देवी, जानकी देवी, शिव देवी, शांति देवी, शशिलता देवी आदि शामिल थी.
