गौतम कुमार
डेहरी/रोहतास
डेहरी प्रखंड के बेरकप पंचायत अंतर्गत शक्ति केंद भुसहुला मे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरी प्रखंड भाजपा अध्यक्ष आनंद कुमार पांडे ने किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्यारेलाल ओझा उपस्थित हुए कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई तत्पश्चात डॉक्टर मुखर्जी के जीवनी के बारे में बताते हुए श्री ओझा ने कहा कि मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 19 01 को कोलकाता में हुआ थाऔर उन्होंने अपनी अंतिम सांस संदिग्ध परिस्थितियों में 23 जून 1953 को श्रीनगर में ली जहां उन्हें नजरबंद रखा गया था संसार में ऐसे कम लोग हैं जिन्होंने जीवन के केवल 52 साल के अंतिम 14 साल राजनीति में बिताएं हो और इसी अल्पावधि में वह महानतम ऊंचाई को छू कर इतिहास में अमर हो गए श्री मुखर्जी अपने जीवन का प्रारंभ शिक्षाविद् तथा वकील के रूप में किया कोलकाता विश्वविद्यालय में शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाकर श्यामा प्रसाद ने कोलकाता उच्च न्यायालय में इंडियन बार के सदस्य बनने के लिए कानून का अध्ययन किया वहीं दूसरी ओर आनंद पांडे ने लोगों को समझाते हुए कहा कि श्री मुखर्जी पहले व्यक्ति थे जो भारत की एकता तथा एकीकरण के लिए शहीद हुए मौके पर देहरी प्रखंड महामंत्री सोनू सिंह, कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम आयोजक पूर्व सरपंच निरंजन सिंह, बबलू कुमार सिंह, पप्पू सिंह, नीतीश कुमार, ज्योति भूषण, धनजी सिंह, वार्ड सदस्य बलिस्टर पासवान समेत अन्य लोग उपस्थित हुए
डेहरी/रोहतास
डेहरी प्रखंड के बेरकप पंचायत अंतर्गत शक्ति केंद भुसहुला मे डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी का पुण्यतिथि बलिदान दिवस के रूप में मनाया गया कार्यक्रम की अध्यक्षता देहरी प्रखंड भाजपा अध्यक्ष आनंद कुमार पांडे ने किया कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रुप में भाजपा के वरिष्ठ नेता प्यारेलाल ओझा उपस्थित हुए कार्यक्रम की शुरुआत सर्वप्रथम डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के तैल चित्र पर पुष्प अर्पित कर की गई तत्पश्चात डॉक्टर मुखर्जी के जीवनी के बारे में बताते हुए श्री ओझा ने कहा कि मुखर्जी का जन्म 6 जुलाई 19 01 को कोलकाता में हुआ थाऔर उन्होंने अपनी अंतिम सांस संदिग्ध परिस्थितियों में 23 जून 1953 को श्रीनगर में ली जहां उन्हें नजरबंद रखा गया था संसार में ऐसे कम लोग हैं जिन्होंने जीवन के केवल 52 साल के अंतिम 14 साल राजनीति में बिताएं हो और इसी अल्पावधि में वह महानतम ऊंचाई को छू कर इतिहास में अमर हो गए श्री मुखर्जी अपने जीवन का प्रारंभ शिक्षाविद् तथा वकील के रूप में किया कोलकाता विश्वविद्यालय में शानदार शैक्षणिक रिकॉर्ड तथा स्नातक एवं स्नातकोत्तर परीक्षा में सर्वोच्च स्थान पाकर श्यामा प्रसाद ने कोलकाता उच्च न्यायालय में इंडियन बार के सदस्य बनने के लिए कानून का अध्ययन किया वहीं दूसरी ओर आनंद पांडे ने लोगों को समझाते हुए कहा कि श्री मुखर्जी पहले व्यक्ति थे जो भारत की एकता तथा एकीकरण के लिए शहीद हुए मौके पर देहरी प्रखंड महामंत्री सोनू सिंह, कोषाध्यक्ष एवं कार्यक्रम आयोजक पूर्व सरपंच निरंजन सिंह, बबलू कुमार सिंह, पप्पू सिंह, नीतीश कुमार, ज्योति भूषण, धनजी सिंह, वार्ड सदस्य बलिस्टर पासवान समेत अन्य लोग उपस्थित हुए
