गौतम कुमार शर्मा
डेहरी/ रोहतास
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अलग-अलग प्रदेशों से यात्रियों का स्पेशल ट्रेन से आवागमन लगातार जारी है। ऐसे में अति व्यस्ततम पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के डेहरी स्टेशन पर सोमवार की सुबह अचानक सूरत-कटिहार स्पेशल ट्रेन रुक गई। करीब दो घंटे तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रुकने पर यात्रियों ने ट्रेन के इंजन व स्टेशन प्रबंधक के कार्यालय के समीप पहुंचकर हंगामा किया। किंतु रेल प्रशासन खुद असहाय दिख रहा था। क्योंकि बिना पूर्व सूचना के अचानक स्पेशल ट्रेन डेहरी स्टेशन पर रुक गई। यात्रियों के हंगामा करने के बावजूद रेलवे अधिकारी कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे थे। आखिरकार दो घंटे से अधिक के बाद ट्रेन गया के लिए रवाना हो गई। इस दौरान स्पेशल ट्रेन से करीब 20 की संख्या में महिला-पुरुष, बच्चे यात्री स्थानीय प्लेटफार्म पर उतरे। जिन्हें करीब एक घंटे बाद स्थानीय पुलिस ने वाहन का व्यवस्था कर उन्हें उनके अनुमंडल मुख्यालय भेजा। हालांकि अचानक ट्रेन रुकने के कारण यात्रियों की स्क्रीनिंग नहीं की जा सकी। वहां लगातार कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने और लॉक डाउन की अवधि बढ़ने के कारण कंपनी ने मदद करने से इंकार कर दिया। जिस कारण सूरत-कटिहार एक्सप्रेस से उन्हें अपने घर के लिए लौटना पड़ा। हालांकि टिकट कटिहार तक की है और ट्रेन मुगलसराय से पटना के रास्ते जानी थी। जिसके बाद अचानक ट्रेन का रूट परिवर्तित हो गया और सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेन डेहरी स्टेशन रुक गया। तो वह यही उतर गए। वही ट्रेन में सवार कटिहार जाने वाले यात्री इस बात से आक्रोशित थे, कि करीब दो घंटे से अधिक समय से ट्रेन रुकने के बावजूद स्टेशन पर कोई खाने पीने की व्यवस्था नहीं थी। जिससे महिलाएं व बच्चे काफी बेचैन थे। यात्रियों का यह भी आरोप था कि स्पेशल ट्रेन में 800 रुपए की टिकट के बदले बिचौलियों ने उनसे एक हजार से लेकर ढाई हजार तक में एक टिकट दिया। सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में ट्रेन से घर भेजने की घोषणा हवा-हवाई साबित हुई हैं।
डेहरी/ रोहतास
कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर अलग-अलग प्रदेशों से यात्रियों का स्पेशल ट्रेन से आवागमन लगातार जारी है। ऐसे में अति व्यस्ततम पंडित दीनदयाल उपाध्याय-गया रेलखंड के डेहरी स्टेशन पर सोमवार की सुबह अचानक सूरत-कटिहार स्पेशल ट्रेन रुक गई। करीब दो घंटे तक श्रमिक स्पेशल ट्रेन के रुकने पर यात्रियों ने ट्रेन के इंजन व स्टेशन प्रबंधक के कार्यालय के समीप पहुंचकर हंगामा किया। किंतु रेल प्रशासन खुद असहाय दिख रहा था। क्योंकि बिना पूर्व सूचना के अचानक स्पेशल ट्रेन डेहरी स्टेशन पर रुक गई। यात्रियों के हंगामा करने के बावजूद रेलवे अधिकारी कुछ स्पष्ट जवाब नहीं दे रहे थे। आखिरकार दो घंटे से अधिक के बाद ट्रेन गया के लिए रवाना हो गई। इस दौरान स्पेशल ट्रेन से करीब 20 की संख्या में महिला-पुरुष, बच्चे यात्री स्थानीय प्लेटफार्म पर उतरे। जिन्हें करीब एक घंटे बाद स्थानीय पुलिस ने वाहन का व्यवस्था कर उन्हें उनके अनुमंडल मुख्यालय भेजा। हालांकि अचानक ट्रेन रुकने के कारण यात्रियों की स्क्रीनिंग नहीं की जा सकी। वहां लगातार कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने और लॉक डाउन की अवधि बढ़ने के कारण कंपनी ने मदद करने से इंकार कर दिया। जिस कारण सूरत-कटिहार एक्सप्रेस से उन्हें अपने घर के लिए लौटना पड़ा। हालांकि टिकट कटिहार तक की है और ट्रेन मुगलसराय से पटना के रास्ते जानी थी। जिसके बाद अचानक ट्रेन का रूट परिवर्तित हो गया और सिग्नल नहीं मिलने से ट्रेन डेहरी स्टेशन रुक गया। तो वह यही उतर गए। वही ट्रेन में सवार कटिहार जाने वाले यात्री इस बात से आक्रोशित थे, कि करीब दो घंटे से अधिक समय से ट्रेन रुकने के बावजूद स्टेशन पर कोई खाने पीने की व्यवस्था नहीं थी। जिससे महिलाएं व बच्चे काफी बेचैन थे। यात्रियों का यह भी आरोप था कि स्पेशल ट्रेन में 800 रुपए की टिकट के बदले बिचौलियों ने उनसे एक हजार से लेकर ढाई हजार तक में एक टिकट दिया। सरकार द्वारा प्रवासी मजदूरों को मुफ्त में ट्रेन से घर भेजने की घोषणा हवा-हवाई साबित हुई हैं।
