जान भी और जहान भी माननीय प्रधानमंत्री जी का नारा

गौतम कुमार शर्मा
डेहरी /रोहतास
चीन से शुरू होकर पूरे विश्व में कोरोनावायरस महामारी का  रूप ले लिया है भारत में भी संख्या एक लाख के पार हो चुकी है इसमें हमारे माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने एक नारा दिया
"जान भी और जहान भी"इस नारे में हम सभी के लिए एक बहुत ही अच्छी बात है कि जान को भी बचा के रखना है और जहान को भी बचाना है निश्चित रूप से करीब 60 दिनों के लाकडाउन से कोरोना संक्रमण को भारत में बहुत हद तक नियंत्रित किया गया है।
लेकिन यह भी सच है कि लाकडाउन बहुत लंबे अरसे तक लागू नहीं किया जा सकता है। सारी अर्थव्यवस्था चरमराने का खतरा है। करोङों लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खङा हो गया है।
अभी जो विश्व के स्वास्थ्य जानकर और WHO का विचार सामने आ रहा है, विश्व को अभी एकाध साल कोरोना संक्रमण से जूझना पड़ सकता है, जब तक कोरोना का वैक्सीन/इलाज का इजाद नहीं होता है। तब तक इस वैश्विक कोरोना महामारी से बचना है इस महामारी से बचने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग व साफ सफाई ही जरूरी है
भारत/बिहार में जनसंख्या का घनत्व बहुत ज्यादा है। अधिकांश लोगों की आर्थिक स्थिति भी कमजोर अथवा सामान्य है। अतः माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी का कथन आज के समय में फीट बैठता है, “जान भी और जहान भी।” अब धीरे धीरे देश और राज्य की अर्थव्यवस्था को भी पटरी पर लाना है।
हां, इस कोरोना संक्रमण काल में हम सबों की महती जिम्मेवारी बनती है कि हम सभी बहुत जरूरी रहने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। हम सभी अपने काम-काज और दिनचर्या में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और जब घर से बाहर जाएं, अपने चेहरे पर मास्क अथवा गमछा/रुमाल जरूर इस्तेमाल करें। जय प्रकाश कश्यप
पुर्व नगर अध्यक्ष भाजपा युवा मोर्चा डेहरी नगर