अब बढ़ने लगी है गरीबों की लाचारी : मदद को आगे आ रहे युवा |




कमलेश कुमार 
औरंगाबाद /दाउदनगर
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा राष्ट्र के नाम संबोधन के बाद 22 मार्च को जनता कर्फ्यू हुआ और इसी रात से मुख्यमंत्री नितीश कुमार ने लॉक डाउन शुरू कर दिया था। 25 से देश व्यापी लॉक डाउन शुरू हुआ। दुसरे दिन से ही ‘गरीबों को भोजन’ कराने कई सामाजिक संगठन और युवा शहर से गाँव तक पहुँचने लगे। दाउदनगर में कई समूह सक्रीय हैं। अब गरीबों की समस्या अधिक दिखने लगी है। शुरुआती कुछ दिन तो संचित धन से इनका काम चल गया, अब परेशानी इनकी काफी बढ़ गयी है। लोग व्यक्तिगत तौर पर सामने आये और मदद को हाथ बढाये। खर्च कर रहे हैं। व्यक्तिगत खर्च कर रहे हैं। ऐसे लोगों की संख्या काफी है। न सबको जाना जा सकता है, न सब कोई बताना चाहता है। ऐसे निरपेक्ष निःस्वार्थ लोगों की अच्छी संख्या है। हर कोइ अपना योगदान कर रहा है।
शायद इसी तरह की सकारात्मक सक्रियता ने एसडीएम अनुपम सिंह ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा कि-“दाऊदनगर के नवयुवकों एवं समाजसेवियों द्वारा आपदा में किये जा रहे कार्य से मैं अभिभूत हूँ। यहाँ के नवयुवक जो सकारात्मक ऊर्जा एवं सकारात्मक सोच का परिचय दे रहे हैं वह हम सभी के लिए अनुकरणीय है। आज से 20 दिन पहले दाऊदनगर के एक व्यक्ति का यह दावा साफ़ नज़र आता है कि दाऊदनगर के गरीब एवं बेसहारा लोगों को किसी भी विषम परिस्थिति में भूखा नहीं रहने दिया जाएगा। आप सभी दाऊदनगर के लोग एकता,भाईचारा और सौहार्द की मिसाल हैं।“ उनके ‘एक व्यक्ति’ के दावे को लोग समझ रहे हैं। वे पदाधिकारी होने के कारण उस व्यक्ति का नाम भले न ले सकें, लोग तो समझ ही रहे हैं, अपने-अपने तरीके से। उनका उद्गार बताता है कि-शहरी सामाजिक कार्य में, सोच में आगे हैं।

एक तस्वीर ने ध्यान खींचा, सबको करना चाहिए ऐसा   

इस बीच एक तस्वीर ने ध्यान खींचा। काश सभी ऐसा करते। गोपाल बाबू सेवा समिति द्वारा भी राहत सामग्री वितरित किया जा रहा है। टीम लीडर साहिल सोनी है। संजय सोनी, रवि वत्सल, धीरज गुप्त, आर्य अमर केसरी, विकास कुमार, रौशन कुमार की टीम सक्रीय है। खासियत इस दल की यह रही कि तस्वीर तो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, किन्तु तमाम तस्वीरों पर लाभुक के चेहरे को छुपा दिया गया है। यह कितना सार्थक है, इसे समझिये। काफी लोग इस संकट में आर्थिक और अन्य कारण से जूझ रहे हैं। उनको भोजन चाहिए, किन्तु तस्वीर खींचे जाने और सार्वजनिक होने के डर से मदद नहीं ले रहे और तकलीफ झेल रहे हैं। दूसरी तरफ काफी ऐसे लोग भी होंगे जो राहत कार्य चलाकर भी तस्वीर पोस्ट नहीं कर रहे। गोपाल बाबू सेवा समिति का नाम पहले दाउदनगर में नहीं सुना गया था। संकट की इस घड़ी में यह सामने आया और कार्य कर रहा है। सभी को 5 किलो चावल, 1 किलो दाल, 2 किलो आलू, 1 पैकेट सोया बड़ी, 1 बोतल तेल दिया जा रहा है। साहिल सोनी, बीरेंद्र प्रसाद, राजेन्द्र प्रसाद, अनिल प्रसाद, मनोज प्रसाद एवं संजय प्रसाद सहयोगी हैं, सभी गोपाल बाबू के वंशज हैं।