कमलेश कुमार मिश्रा
डेहरी /रोहताश
कोरोना के खिलाफ देशवासियों के द्वारा छेडी गई जंग में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के संकेत एवं दूरसंचार विभाग के रेलकर्मियों के द्वारा कोरोनावायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने तथा असहाय और बेबस लोगों को भूखे पेट नही रहने देने के संकल्प के साथ मुडियार ग्राम को गोद लेकर रेलकर्मी वीरेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में जो सेवा भाव का बेहतरीन मिसाल पेश की।उसका बडे़ पैमाने पर असर देखने को मिल रहा है। डीडीयू रेल मंडल सहित देश के कई रेल मंडलों के अनेकों रेलकर्मियों ने असहाय और बेबस लोगों को मदद देने के लिए आगें आएं हैं। हर कोई अपने अपने ढंग से वायरस जन्नित इस त्रासदी में जरूरतमंदों को मदद कर रहा है। कोई लगातार लाचार और बेबस लोगों के बीच खाद्य सामग्री बांट रहा है तो कोई खाना खिला रहा है। डीडीयू रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक ने तो छितमपुर और घरना गांव को ही गोद लेकर वहां लगातार गरीबों के खाना का वितरण करते हैं तो डेहरी रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक शाहिद खान ने स्टेशन के निकट सैकड़ों झुग्गी झोपड़ी वाले गरीब परिवार के बीच खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बीच बीच में लगातार की जाती है।
इसी क्रम में अब डेहरी स्टेशन पर कार्यरत यातायात निरीक्षक विनय कुमार के परिजनों ने भी संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए जंग में कुद पडे हैं। यातायात निरीक्षक की पत्नी सुनीता चौरसिया पुत्र प्रत्युष कुमार विनय तथा पुत्री वैष्णवी कुमारी विनय ने बड़े पैमाने पर दिन रात मेहनत कर थ्री लेयर का मास्क बनाकर डीडीयू रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर निशुल्क भेज रहे हैं। अभी तक दो हजार से भी ज्यादा मास्क बनाकर यह परिवार गढवा से आरा तथा सासाराम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक के सभी स्टेशनों पर भेज चुका है। खुद यातायात निरीक्षक विनय कुमार ने करवंदिया से जाखिम स्टेशन तक गुड्स ट्रेनों का निर्बाध परिचालन सुनिश्चित कराने के उपरांत घर में मास्क तैयार करने में अपनी पत्नी और बच्चों को मदद करते हैं।
भले ही रेल का पहिया आमजनों के लिए रूक गया हो परंतु आमलोगों की जिंदगी का पहिया सतत चलता रहे, इसके लिए डीडीयू रेल मंडल के रेलकर्मी निरंतर प्रयासरत हैं। संकट की इस घड़ी में मालगाडियों का तो परिचालन कर ही रहे हैं। अब कोरोना से लड़ने के लिए भी समाजिक सरोकारों में भी बढचढ कर हिस्सा ले रहे हैं। कोरोनावायरस जन्नित वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में डीडीयू रेल मंडल के रेलकर्मियों का योगदान वाकई प्रेरणायक है।
वायरस से बचाव के लिए एक ओर जहां लोग अपने - अपने घरों में कैद हैं। वहीं अपनी जान की परवाह किए बगैर संकेत एवं दूरसंचार, रेल सुरक्षा बल, इंजीनियरिंग, यातायात, बिघुत कर्षण सहित कई अन्य विभागों तथा गार्ड, ड्राइवर, कंट्रोलर आदि रेलकर्मी दिन रात मालगाड़ी के परिचालन में तो लगे ही हैं अब कोविड - 19 के घातक संक्रमण से लोगों को बचाने तथा असहाय और बेबस लोगों को मदद करने में भी बढचढ भागीदारी निभा रहे हैं। यह हमारे मंडल के रेलकर्मियों की एक अच्छी पहल है। जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा की जानी चाहिए।
डेहरी /रोहताश
कोरोना के खिलाफ देशवासियों के द्वारा छेडी गई जंग में पंडित दीनदयाल उपाध्याय रेल मंडल के संकेत एवं दूरसंचार विभाग के रेलकर्मियों के द्वारा कोरोनावायरस के संक्रमण से लोगों को बचाने तथा असहाय और बेबस लोगों को भूखे पेट नही रहने देने के संकल्प के साथ मुडियार ग्राम को गोद लेकर रेलकर्मी वीरेन्द्र प्रसाद के नेतृत्व में जो सेवा भाव का बेहतरीन मिसाल पेश की।उसका बडे़ पैमाने पर असर देखने को मिल रहा है। डीडीयू रेल मंडल सहित देश के कई रेल मंडलों के अनेकों रेलकर्मियों ने असहाय और बेबस लोगों को मदद देने के लिए आगें आएं हैं। हर कोई अपने अपने ढंग से वायरस जन्नित इस त्रासदी में जरूरतमंदों को मदद कर रहा है। कोई लगातार लाचार और बेबस लोगों के बीच खाद्य सामग्री बांट रहा है तो कोई खाना खिला रहा है। डीडीयू रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक ने तो छितमपुर और घरना गांव को ही गोद लेकर वहां लगातार गरीबों के खाना का वितरण करते हैं तो डेहरी रेल सुरक्षा बल के निरीक्षक शाहिद खान ने स्टेशन के निकट सैकड़ों झुग्गी झोपड़ी वाले गरीब परिवार के बीच खाद्य पदार्थों की आपूर्ति बीच बीच में लगातार की जाती है।
इसी क्रम में अब डेहरी स्टेशन पर कार्यरत यातायात निरीक्षक विनय कुमार के परिजनों ने भी संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए जंग में कुद पडे हैं। यातायात निरीक्षक की पत्नी सुनीता चौरसिया पुत्र प्रत्युष कुमार विनय तथा पुत्री वैष्णवी कुमारी विनय ने बड़े पैमाने पर दिन रात मेहनत कर थ्री लेयर का मास्क बनाकर डीडीयू रेल मंडल के सभी स्टेशनों पर निशुल्क भेज रहे हैं। अभी तक दो हजार से भी ज्यादा मास्क बनाकर यह परिवार गढवा से आरा तथा सासाराम से पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन तक के सभी स्टेशनों पर भेज चुका है। खुद यातायात निरीक्षक विनय कुमार ने करवंदिया से जाखिम स्टेशन तक गुड्स ट्रेनों का निर्बाध परिचालन सुनिश्चित कराने के उपरांत घर में मास्क तैयार करने में अपनी पत्नी और बच्चों को मदद करते हैं।
भले ही रेल का पहिया आमजनों के लिए रूक गया हो परंतु आमलोगों की जिंदगी का पहिया सतत चलता रहे, इसके लिए डीडीयू रेल मंडल के रेलकर्मी निरंतर प्रयासरत हैं। संकट की इस घड़ी में मालगाडियों का तो परिचालन कर ही रहे हैं। अब कोरोना से लड़ने के लिए भी समाजिक सरोकारों में भी बढचढ कर हिस्सा ले रहे हैं। कोरोनावायरस जन्नित वर्तमान चुनौतीपूर्ण समय में डीडीयू रेल मंडल के रेलकर्मियों का योगदान वाकई प्रेरणायक है।
वायरस से बचाव के लिए एक ओर जहां लोग अपने - अपने घरों में कैद हैं। वहीं अपनी जान की परवाह किए बगैर संकेत एवं दूरसंचार, रेल सुरक्षा बल, इंजीनियरिंग, यातायात, बिघुत कर्षण सहित कई अन्य विभागों तथा गार्ड, ड्राइवर, कंट्रोलर आदि रेलकर्मी दिन रात मालगाड़ी के परिचालन में तो लगे ही हैं अब कोविड - 19 के घातक संक्रमण से लोगों को बचाने तथा असहाय और बेबस लोगों को मदद करने में भी बढचढ भागीदारी निभा रहे हैं। यह हमारे मंडल के रेलकर्मियों की एक अच्छी पहल है। जिसकी भूरी भूरी प्रशंसा की जानी चाहिए।