कमलेश कुमार/ गौतम शर्मा
डेहरी/ रोहतास
कोरोना वायरस को लेकर बने माहौल में लोगों को सतर्क रहने और जागरुक रहने के साथ अफवाहों से बचने के लिए शहर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एस बी प्रसाद ने परिचर्चा आयोजित की। जिस में उपस्थित शहर के बुद्धिजीवियों को सलाह देते हुए कहा कि मास्क लगाने और सेनेटाईजर का इस्तेमाल करने से कोरोना होने से नहीं रोका जा सकता है। यह दोनों कतई आवश्यक नहीं है। कहा कि कोरोना का वायरस धुल से भी सूक्षम है। ऐसे में उसे सांस के जरिये शरीर में जाने से नहीं रोका जा सकता है। दूसरी बात मास्क मात्र आठ घंटे पर खराब हो जाता है। उसे घर में भी नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना कतई संभव नहीं है। इन्होंने सेनेटाईजर को लेकर कहा कि इससे सिर्फ हाथ धोया जा सकता है। हैंड सेनेटाइजर सिर्फ हाथ को सेनेटाइज करता है। वायरस सांस से अंदर जाता है। कहा कि 60 फीसदी से अधिक अल्कोहल वाला सेनेटाईजर कुछ हद तक कारगर है। इन्होंने कहा कि बचाव ही सबसे बेहतर रास्ता है। दूरी बनाकर रखिये। लोगों के संपर्क से बचिए, भीड़ से बचिए। कहा कि मिथक और अफवाह से बचिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस को लेकर बाजारों में मास्क व सैनिटाइजर की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिस पर अंकुश लगना चाहिए। सरकार द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, स्वच्छता का ख्याल रखना चाहिए। तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों से खुद को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक लोग दूरभाष व अन्य माध्यमों से कोरोना से डरो ना का अभियान चलाकर जागरूकता पैदा करें। ताकि शहर ही नहीं जिले में कोरोना का वायरस से बचाव हो सके। और अफवाहों पर पूर्ण विराम लग सके। परिचर्चा में दयानिधि श्रीवास्तव, राजीव रंजन सिन्हा, जीवन प्रकाश आदि उपस्थित थे।
डेहरी/ रोहतास
कोरोना वायरस को लेकर बने माहौल में लोगों को सतर्क रहने और जागरुक रहने के साथ अफवाहों से बचने के लिए शहर के प्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉक्टर एस बी प्रसाद ने परिचर्चा आयोजित की। जिस में उपस्थित शहर के बुद्धिजीवियों को सलाह देते हुए कहा कि मास्क लगाने और सेनेटाईजर का इस्तेमाल करने से कोरोना होने से नहीं रोका जा सकता है। यह दोनों कतई आवश्यक नहीं है। कहा कि कोरोना का वायरस धुल से भी सूक्षम है। ऐसे में उसे सांस के जरिये शरीर में जाने से नहीं रोका जा सकता है। दूसरी बात मास्क मात्र आठ घंटे पर खराब हो जाता है। उसे घर में भी नहीं रखना चाहिए। ऐसा करना कतई संभव नहीं है। इन्होंने सेनेटाईजर को लेकर कहा कि इससे सिर्फ हाथ धोया जा सकता है। हैंड सेनेटाइजर सिर्फ हाथ को सेनेटाइज करता है। वायरस सांस से अंदर जाता है। कहा कि 60 फीसदी से अधिक अल्कोहल वाला सेनेटाईजर कुछ हद तक कारगर है। इन्होंने कहा कि बचाव ही सबसे बेहतर रास्ता है। दूरी बनाकर रखिये। लोगों के संपर्क से बचिए, भीड़ से बचिए। कहा कि मिथक और अफवाह से बचिए। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वायरस को लेकर बाजारों में मास्क व सैनिटाइजर की कालाबाजारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिस पर अंकुश लगना चाहिए। सरकार द्वारा दिए गए निर्देश के आलोक में लोगों को सावधानी बरतनी चाहिए, स्वच्छता का ख्याल रखना चाहिए। तथा भीड़-भाड़ वाले इलाकों से खुद को बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि जागरूक लोग दूरभाष व अन्य माध्यमों से कोरोना से डरो ना का अभियान चलाकर जागरूकता पैदा करें। ताकि शहर ही नहीं जिले में कोरोना का वायरस से बचाव हो सके। और अफवाहों पर पूर्ण विराम लग सके। परिचर्चा में दयानिधि श्रीवास्तव, राजीव रंजन सिन्हा, जीवन प्रकाश आदि उपस्थित थे।
