डिहरी रोहतास- खेतों पर भी दिखने लगा लॉकडाउन का असर । कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकार ने पहले जिला फिर ब्लॉक स्तर तक लॉकडाउन किया था। अब मंगलवार रात्रि 12:00 बजे के बाद बुधवार 24 मार्च से संपूर्ण देश में बड़े शहरों से लेकर गांव,मोहल्लों तथा टोलो तक लॉक डाउन लागू हो गया है । इसका असर खेती बारी पर भी पड़ना निश्चित रूप से तय है । मित्रसेनपुर निवासी किसान रामनरेश सिंह ने बताया कि रबी फसलों की कटनी को देखते हुए सरकार द्वारा एक अलग से एडवाइजरी जारी की जानी चाहिए ताकि किसान कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से बचते हुए तैयार फसल की कटनी में कोई परेशानी नहीं हो । डेहरी अनुमंडल क्षेत्र के डेहरी,तिलौथू , रोहतास ,नौहटा प्रखंड के अधिकांश खेतों में रबी की फसल पक चुकी है या पकने को तैयार है। रोहतास एवं नौहटा प्रखंड के कुछ ऐसे भाग हैं जहाँ सिंचाई के अभाव में धान की खेती कम मात्रा में होती है, परंतु अधिकांश खेतों में रबी फसल की खेती बहुत अच्छी होती है और वह फसल एकदम सही समय पर लग जाती है। जिस कारण सभी रबी की फसलें 31 मार्च तक खेतों में पूरी तरह से तैयार हो जाने की पूरी संभावना है । ऐसे में सरकार द्वारा लॉकडाऊन के तहत एक दूसरे से दूरी बनाकर रहने एवं सोशल डिस्टेंस बनाए रखने के आदेश से कटनी का काम मुश्किल हो गया है जिससे किसानों को अनाज का भंडारण करना मुश्किल होगा। अधिकांश गेहूं की कटनी हार्वेस्टर मशीन से की जाती है और सभी हार्वेस्टर मशीन पंजाब से आए दैनिक मजदूर चालक ही चलाते हैं । इधर का कोई भी मजदूर हार्वेस्टर से कटनी करने में सक्षम नहीं है। वायरस के संक्रमण के चलते सभी प्रकार के ट्रेनों एवं बसों के परिचालन पर रोक है । तथा लोगों को घर से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में हार्वेस्टर के चालक यहां पर नहीं पहुंच पाए हैं । एक- दो पहुंचे भी हैं तो उन्हें भी गेहूं काटने की अनुमति प्रशासन द्वारा नहीं दी जा रही है । । । इस संबंध में हार्वेस्टर मालिक ददन सिंह ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि कि मेरे पास दो दो हार्वेस्टर हैं उसके चालक पंजाब से यहां पर आ चुके हैं परंतु प्रशासन द्वारा कटनी प्रारंभ करने की अनुमति नहीं दी जा रही है । ऐसे में मुझे व्यक्तिगत रूप से तो आर्थिक क्षति हो ही रही है दर्जनों किसान प्रतिदिन दरवाजे से गेहूं के पक्के होने का हवाला दे कटनी करने का आग्रह कर लौट रहे हैं । ऐसे में खेतों में पक चुके गेहूं के फसल बर्बाद होने के कगार पर है । । । एक तरफ जहां हाल में आंधी, बारिश और ओले के मार से किसानों की बुरा स्थिति हो गई है वही कोरोना के खतरे का सामना किसानों के लिए काफी भारी साबित होने वाला है । क्योंकि मौसम की मार से बर्बाद होने के बाद शेष रबी फसल तैयार होने के अंतिम पड़ाव में है ।इसे घर ले जाने का कोई उपाय किसानों को नहीं सुझ रहा है । इस संबंध में स्थानीय डेहरी विधायक ई सत्यनारायण सिंह ने कहा कि बिहार में कृषि मंत्री के पहल पर खाद, बीज एवं कीटनाशक दवाओं की दुकानों को लॉक डाउन से मुक्त कर दिया गया है । इसलिए मैंने कृषि मंत्री से आग्रह किया है कि किसानों की फसल कटनी को अब तैयार को है। दलहन की भी लगभग एक तिहाई फसलें अभी खेतों में है । चना और गेहूं के पूरी फसल खेतों में खड़ी है जिसे सुरक्षित किसान के घर तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी बनती है। किसानों को दोहरी मार से बचाने के लिए फसल को किसानों के घर तक पहुंचाने के लिए समुचित व्यवस्था करने के लिए एक एडवाइजरी जारी करने का आग्रह माननीय कृषि मंत्री से किया है । विधायक ने उम्मीद जताई है कि किसानों के लिए सरकार अलग से एडवाइजरी जारी करेगी ताकि किसान कोरोना के चपेट से बचते हुए अपने फसलों को घर तक कैसे सुरक्षित पहुंचाएंंगे । साथ ही उन्होंने किसानों से खेतों में दूरी बनाकर कटनी करने की सलाह दी है। जिससे संक्रमण से खतरे की आशंका नहीं के बराबर होगी ।