99 वी शहादत दिवस पर याद किए गए अब्दुल्ला चूड़िहार एवं अन्य शहीद . चूड़ी हार विकास मंच ने सरकार से 8 सूत्री मांग रखा


 

रिपोर्ट ;- गौतम शर्मा , वारिस अली 

डेहरी /रोहतास 

चूड़िहार विकास मंच बिहार के तरफ से पटेल धर्मशाला सासाराम में शहीद अब्दुल्ला चूड़ी हरा की सावन तक दिवस मनाया गया एवं उनके व्यक्तित्व और कृतित्व पर चर्चा करते हुए पुष्प अर्पित किया गया उल्लेखनीय है कि

  चोरा चोरी के अब्दुल्ला चूड़िहार और उनके साथ फांसी पर चढ़ने वालों का 99 वी शहादत दिवस पर  आयोजन चूड़ी हार विकास मंच की ओर से किया गया उद्घाटन मुख्य अतिथि बिहार के ग्रामीण विकास मंत्री  श्रवण कुमार ने किया इस बैठक की अध्यक्षता जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के प्रदेश उपाध्यक्ष जमालुद्दीन सिद्दीकी ने किया मंच का संचालन ऑल इंडिया मुशायरे के एनाउंसर मतीन सासारामी ने जबरदस्त ढंग से किया जमालुद्दीन सिद्दीकी ने अपने अध्यक्षीय भाषण मैं उनके  जीवनी पर प्रकाश डाला तथा कहा कि अंग्रेजों के समय में हौसले के साथ शहीद हुए अब्दुल्ला चूड़ी हारा को देश कभी भुला नहीं सकता लेकिन आज उनके समाज के लोगों को उनका हक सरकार देने में उपेक्षा कर रही है उन्होंने चूड़ी हार विकास मंच की ओर से 8 सूत्री मांगों को रखा जिसमें 1- शिवसागर समाज को सभी उपजातियां को केंद्र सरकार के बजट में शामिल किया जाए 2- शिवसागर समाज के चूड़ी लहठी के कार्यों को उद्योग का दर्जा प्रदान हो3- पिछड़े मुसलमानों को अंग्रेजों के शासन काल 1935 मैं अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त था वह आजादी के बाद समाप्त कर दिया गया इस तरह से निजामुद्दीन सिद्दीकी 8 सूत्री मांगों को पढ़ कर सुनाया मंत्री श्रवण  कुमार ने अपने भाषण में कहा अंग्रेजों के विरुद्ध देश की आजादी के लिए जो विरोध किया था

और चोरा चोरी में जेल में आग लगा  दिया उसके बाद अंग्रेजों ने मुकदमा चलाकर अब्दुल चूड़ी हार और नजरे आलम के साथ 19 लोगों को 3 जुलाई 1923 को अब्दुल्ला चूड़ी हार को फांसी पर चढ़ा दिया माननीय मंत्री श्रवण कुमार के पूर्वे रोहतास जिला जदयू अध्यक्ष अजय कुशवाहा जदयू अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के असलम अंसारी  अल्पसंख्यक के महासचिव मुज्तबा अहमद गुड्डू कमरुद्दीन फारुकी चूड़ी हार विकास मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष शहजादा हुसैन शीशागर कोचस के मुखिया जिब्रील सिद्दीकी के अतिरिक्त कई लोगों ने संबोधन किया कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए प्रदेश के कई जिलों से लोग उपस्थित हुए जिनमें डॉ निर्मल कुमार पप्पू चौधरी बद्री भगत राजेश सोनकर मानिक सिंह मोहम्मद शरीफ उर रहमान मोहम्मद जावेद शादाब हुसैन डॉक्टर इस्लाम राही मोहम्मद एजाजुद्दीन शमीम अलम कमालुद्दीन मकसूद आलम परवेज सिद्दीकी जोखन सिद्दीकी मुख्तार सिद्दीकी सुल्तान मास्टर मुस्ताक सिद्दीकी डॉ सिद्दीकी नबीगुल जमील सिद्दीकी सिद्दीकी दिलशाद सिद्दीकी डॉ शेख साबिर अहमद के अतिरिक्त सैकड़ों लोग उपस्थित रहे